देश की 18 हजार बैंक शाखाओं व डाकघरों में आधार केंद्र खुले

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नई दिल्ली। एक साल से भी कम समय में 18000 बैंक शाखाओं और डाकघरों में आधार केंद्र खुल गए हैं। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के सीईओ अजय भूषण पांडेय के अनुसार इन केंद्रों में लोग आधार के लिए नामांकन अन्य कोई भी संशोधन करवा सकते हैं। यूआईडीएआई ने पिछले साल जुलाई में निजी और सरकारी बैंकों को कम से कम दस फीसद शाखाओं में आधार सुविधा शुरू करने का निर्देश दिया था। पांडेय के अनुसार बैंक और डाकघरों में आधार केंद्र खुल रहे हैं। अब तक 18,000 केंद्र चालू हो चुके हैं।

बैंक शाखाओं और डाकघरों में कुल 26000 केंद्र खोलने की योजना है। बैंक आधार केंद्र स्थापित करने के पीछे मकसद आम लोगों को आधार नामांकन की सुविधा सुनिश्चित करना है। लोग वहां अपने बैंक खाते को भी आसानी से आधार से जोड़ सकते हैं। सुरक्षा और निगरानी के लिहाज से भी वहां आधार केंद्र खोलना बेहतर माना गया। निजी और सरकारी क्षेत्र के बैंक अपनी 10,000 शाखाओं में आधार केंद्र शुरू कर चुके हैं। उन्हें कुल 13800 शाखाओं में यह सुविधा शुरू करनी है। इसी तरह 8000 डाकघरों में यह सुविधा शुरू की गई है। देश के 13,000 डाकघरों में आधार केंद्र खोलने हैं।

पांडेय ने आधार केंद्र खोलने का लक्ष्य हासिल होने के समय के बारे में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया लेकिन कहा कि बाकी केंद्र खोलने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को भरोसेमंद माहौल में सुरक्षित आधार सेवा देने के लिए बैंक व डाकघरों में आधार केंद्र शिफ्ट किए गए हैं। इन आधार केंद्रों को एक जुलाई के बाद दिन में कम से कम आठ लोगों को आधार सेवा देनी होगी। अक्टूबर से 12 और अगले साल एक जनवरी से कम से कम 16 लोगों को सेवा देनी होगी।

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