जानिए कौन है ‘कड़कनाथ’, जिनके बारे में पीएम मोदी ने किसानों से की बात

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नेशनल डेस्‍क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर के किसानों से नमो ऐप के जरिए बात की. इस दौरान पीएम ने मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में किसानों से बात की. पीएम मोदी ने झाबुआ के किसानों से कड़कनाथ मुर्गे के बारे में बात की. दरअसल, झाबुआ सहित कई जिलों में कड़कनाथ मुर्गे की बड़े पैमाने पर मांग रहती है. पिछले दिनों मध्य प्रदेशसरकार ने एक ऐप भी लांच किया था जिसके जरिए कड़कनाथ मुर्गे को आर्डर कर मंगाया जा सकता है.
खास बात ये है कि मध्य प्रदेश में सांची मिल्क पार्लर की तर्ज पर ‘कड़कनाथ’ चिकन पार्लर की खोले जाने की शुरुआत हुई है. स्वाद और पौष्टिकता के कारण इस मुर्गे की मांग काफी ज्यादा है. कड़कनाथ मध्य प्रदेश के झाबुआ आदिवासी अंचल में पाई जाने वाली मुर्गे की विशेष प्रजाति है.

पहले चरण में सरकार झाबुआ, अलीराजपुर और देवास में चिकन सेंटर खोले गए हैं. सरकार इसके लिये अनुदान भी दे रही है. इससे आदिवासियों की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत हो सकेगी

क्यों खास है ‘कड़कनाथ’

कड़कनाथ एक दुर्लभ मुर्गे की प्रजाति है. यह काले रंग का मुर्गा होता है जो दूसरी मुर्गा प्रजातियों से ज्यादा स्वादिष्ट, पौष्टिक, सेहतमंद और कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है. एप पर दी गई जानकारी के मुताबिक जहां कड़कनाथ में 25 प्रतिशत प्रोटीन है, वहीं बाकी मुर्गों में 18-20 फीसदी प्रोटीन ही पाया जाता है.

-दूसरी प्रजाति के मुर्गा-मुर्गियों के मांस में फैट और वसा की ज्यादा उपलब्धता होती है, लेकिन कड़कनाथ मुर्गे में न तो फैट होता है और न वसा बल्कि इसके मांस में आयरन और प्रोटीन की अधिकता होती हैं.
-यही कारण है कि आयरन की अधिकता के कारण ही इस मुर्गे का सब कुछ गहरा सांवला या काला हो जाता है. इसी के चलते डॉक्टर भी इसे काफी गुणकारी बताते हैं
-स्थानीय भाषा में कड़कनाथ को कालमासी भी कहा जाता है, क्योंकि इसका मांस काला होता है.
-इसका मांस लजीज और ताकतवर माना जाता है.
-सर्दियों के दिनों में इसका सेवन काफी लाभकारी माना जाता है. जिसके चलते कड़कनाथ की सर्दियों में डिमांड बढ़ जाती है.
-इसका मांस सेहत के लिए भी उपयोगी माना जाता है.

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