कर्नाटक से लिया सबक: पेज के बाद अब हॉफ पेज पर उतरी भाजपा

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जबलपुर। विगत दिनों भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के जबलपुर प्रवास के दौरान हुई चर्चा और निर्णयों पर संगठन ने व सरकार ने प्रभावी रूप से काम करना प्रारंभ कर दिया है।

 मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान के चुनावों के लिए भाजपा ने शुरू की नई प्रैक्टिस, जुलाई से शाह की टीम बैठेगी भोपाल में

शाह ने किसानों के मुद्दे के साथ साथ एंटी एन्कमबेन्सी से बचने के लिए भी संगठन को आगे रखकर काम करने की सलाह दी थी। इसके साथ ही संगठन को पूरी ताकत से जनता के बीच जाने और सरकार की योजनाएं गिनाने की जवाबदेही सौंपी है। जिसके चलते भाजपा संगठन जो बूथ लेवर से नीचे जाकर काम कर रहा है उसे पेज से भी छोटी इकाई में बांटने का निर्णय लिया है।
यह है वजह
भारतीय जनता पार्टी को कर्नाटक में जो चुनाव जीतते-जीतते हार गई उससे सबक लेते हुए मध्यप्रदेश, राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ में हॉफ पेज पर काम करने का फार्मूला तैयार किया गया है। जिसके चलते पहले बूथ के एक पेज का एक प्रभारी हुआ करता था जिसके ऊपर लगभग 60 मतदाताओं की जिम्मेदारी हुआ करती थी, अब इस जिम्मेदारी को आधा करते हुए यह काम दो कार्यकर्ताओं से किया जायेगा। क्योंकि कर्नाटक में ऐसी सीटें बड़ी संख्या में जहां भाजपा बहुत कम मार्जिन से चुनाव हारी थी या तो बमुश्किल वह सीट जीत पाई थी। ऐसे में भाजपा मैन-टू-मैन मार्किंग की पालिसी पर काम करते हुए तेज से भी नीचे आकर संगठन को काम में लगा रही है।
होने लगी तैयारी
उत्तरप्रदेश, गुजरात, कर्नाटक और पूर्वोत्तर के चुनावों के दौरान प्रदेश इकाई के साथ साथ अमित शाह की चुनाव मैनेजमेंट टीम भी पैर्लर काम करती है। जो माहौल बनाने, मुद्दों को उठाने और आखिरी समय में वोटों को डायवर्ट करने में विशेषज्ञ रहते हैं, वह टीम जुलाई माह से भोपाल में आकर बैठ जायेगी। जिसके बाद चुनावों की तैयारियों और संगठन की गतिविधियों की सीधी रिपोर्ट अमित शाह तक पहुंचने लगेगी, जिसको लेकर तैयारी पूरी हो चुकी हैं।

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