नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल: न पानी मिला और न शहर में हुई सफाई

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कटनी। नगर निगम कर्मचारियों की प्रांतव्यापी हड़ताल से आज पूरा शहर परेशान दिखा। वार्डों में आज सुबह न तो पानी की सप्लाई हुई और न ही सफाई। कचरा उठाने वाली गाड़ी भी नहीं आई, जिससे शहर के प्रमुख चौराहों से लेकर अंदरूनी गलियों में कचरे का ढेर लगा रहा। संड़ांध मारती गंदगी के बीच एक ही दिन में नागरिकों का बुरा हाल रहा।

हड़ताल अनिश्चितकालीन होने के कारण आने वाले दिनों में यदि यही हालात रहे तो नागरिकों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। पेयजल आपूर्ति नहीं होने के कारण शहर के कुछेक इलाकों में तो हालात बहुत ही खराब रहे। लोग नलों के पास लाइन लगा खड़े रहे लेकिन पानी नहीं आया। सुबह 8 बजे के बाद स्थिति यह हो गई कि लोग हेण्डपंपों का पानी पीने के लिए मजबूर दिखे।

हैण्डपंपों में भी लोगों की लंबी कतारें लग गई। लोग नगर निगम की व्यवस्थाओं को कोसते हुए दिखे। लोगों का यह भी कहना था कि जब नगर निगम प्रशासन को कर्मचारियों की हड़ताल की जानकारी पहले से ही थी तो हड़ताल को स्थगित कराने या पहले से वैकल्पिक व्यवस्थाएं किए जाने के प्रयास किए जाने थे। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश नगर निगम, नगर पालिका कर्मचारी संघ भोपाल द्वारा आज 18 जून से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का आव्हान किया गया है। प्रांतव्यापी आव्हान पर कटनी नगर निगम सहित नगर परिषद कैमोर, बरही और विजयराघवगढ़ के कर्मचारी आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।

कटनी में नगर निगम गेट के बाहर कर्मचारियों का धरना शुरू हो गया है। सुबह से ही कर्मचारी धरने में पहुंचने लगे थे। कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष पारसनाथ प्रजापति ने कहा कि प्रांतीय आव्हान पर नगर निगम के समस्त कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल से नगर निगम का कामकाज ठप्प हो गया है। लोगों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
6 सूत्रीय मांगों पर सहमति के बाद भी नहीं मिली स्वीकृति
नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष पारसनाथ प्रजापति ने कर्मचारियों की मांगों को लेकर मप्र नगर निगम, नगरपालिका कर्मचारी संघ भोपाल द्वारा विगत 28 अप्रेल को संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल का घेराव कर प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान प्रमुख सचिव विवेक अग्रवाल एवं वित्त मंत्री जयंत मलैया के समक्ष संघ के पदाधिकारयों के साथ चर्चा हुई थी। जिस पर 6 सूत्रीय मांगों पर सहमति उपरंात 15 दिवस में आदेश प्रसारित किये जाने का आश्वासन दिया गया था किन्तु नगरीय प्रशासन द्वारा लगभग डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी आदेश जारी न किये जाने गए। जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है। इसी प्रकार नगर निगम द्वारा भी निकाय में कार्यरत कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों के संबंध में कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। जिसको लेकर प्रांत व्यापी हड़ताल की गई है।
एमएसडब्ल्यू की मनमानी
अनिश्चितकालीन हड़ताल का आव्हान नगर निगम कर्मचारी संघ ने किया है, जिसमे नगर निगम के समस्त कर्मचारी शामिल है लेकिन लाखों रूपए में शहर की सफाई का ठेका लेने वाली एमएसडब्ल्यू कंपनी के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहे। शहर में आज सुबह कहीं भी कचरा गाड़ी नजर नहीं आई, जबकि नगर निगम द्वारा एमएसडब्ल्यू कंपनी को हर महीने सफाई के लिए लाखों रूपए का भुगतान किया जाता है।
मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोग सारा दिन हुए परेशान
शहर में सफाई और पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी नगर निगम की है लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से सफाई और पेयजल व्यवस्था पटरी से उतर गई है। आज सुबह से ही इसका असर होता दिखा। लोग नलों में पानी आने का इंतजार करते रहे लेकिन नलों में पानी नहीं आया। इसी तरह शहर के प्रमुख चौराहों से लेकर वार्डों की अंदरूनी गलियों तक में सफाई कर्मचारी सफाई के लिए नहीं पहुंचे, जिससे चौराहों और सड़कों पर कचरे का अंबार लगा रहा। संघ ने पहले ही कहा था कि हड़ताल के चलते पेयजल, सफाई एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रभावित होंगी, इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन द्वारा पहले से वैकल्पिक व्यवस्थाएं नहीं की गई थीं।
क्या हैं कर्मचारियों की मांगें
प्रदेश की समस्त नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर परिषदों के अधिकारियों, कर्मचारियों, जनसेवकों को सातवे वेतनमान का लाभ, समयमान वेतनमान का लाभ, नगरीय निकायों में सितम्बर 2016 तक के समस्त संवर्ग के दैनिक वेतन भोगियों को स्थाई कर्मी करने, सामुदायिक संगठकों को नियमित करने तथा निकायों के स्थापना व्यय की सीमा समाप्त किये जाने, सेवा भर्ती नियमों में कम्प्यूटर आपरेटर के पद समाहित करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।
कैमोर में भी हड़ताल से प्रभावित हुई जलापूर्ति, नहीं हुई सफाई
कैमोर। नगर निगम, नगरपालिका और नगर परिषदों के कर्मचारियों की प्रदेश व्यापी हड़ताल का असर कैमोर नगर में भी देखा गया। परिषद के शत-प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल पर रहे जिससे परिषद के द्वारा नागरिकों को मिलने वाली सेंवाऐं बुरी तरह प्रभावित हुईं।

सुबह 8 बजे तक कुछ वार्डों में पेयजल आपूर्ति के बाद जलापूर्ति ठप हो गई जिससे अनेक वार्डों में पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। सफाई कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। सभी वार्डों में आज कचरा उठाने वाली गाड़ी भी नही पहुंची। वार्ड क्रं. 10 के संडे मार्केट में कल रविवार को साप्ताहिक बाजार का दिन होने के कारण यहां बड़े पैमाने पर गंदगी फैली रही पर सफाई करने वाले कर्मचारी यहां भी नहीं पहुंचे। सभी वार्डों में यही हाल रहा। टेंकर से की जाने वाली जलापूति भी आज बंद रही। नगर परिषद के अनेक कार्योंलयों में आज ताला भी नहीं खुला। नगर निगम कर्मचारी यूनियन के स्थानीय अध्यक्ष ऋषिराज दुबे के नेतृत्व में कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी भी की। अगर जल्द ही कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त नहीं हुई तो आने वाले दिनों में नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

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