नगर निगम कर्मचारी हड़ताल पर: सफाई व्यवस्था ठप्प, परिसर में चल रहा विरोध प्रदर्शन

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जबलपुर। सोमवार को प्रदेश के 19 नगरीय निकायों के साथ जबलपुर नगर निगम के सभी कर्मचारी एक साथ हड़ताल पर चले गए। जिसके चलते सभी आवश्यक सेवाएं ठप्प हो गई हैं। कर्मचारियों द्वारा पूर्व में ही 7वें वेतनमान सहित अपनी अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने की सूचना निगम प्रशासन व प्रदेश सरकार को दे दी थी। जिसको लेकर भोपाल में रविवार की शाम बैठक भी हुई लेकिन बैठक बेनतीजा निकली। हड़ताल के चलते सफाई, पानी सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं बंद कर दी गई हैं। जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

परिसर में चल रहा विरोध प्रदर्शन, समझौते के सारे प्रयास हुए असफल

नहीं हुई सफाई
हड़ताल के चलते सोमवार को डोर टू डोर कलेक् शन करनी वाली कंपनी ने घरों से कचरा तो उठाया लेकिन सफाई व्यवस्था में लगे कर्मचारी सोमवार को काम पर नहीं आए। वे सुबह से ही निगम परिसर में विरोध प्रदर्शन पर जुट गए थे। जिसके चलते शहर में कई जगहों पर गंदगी फैली रही। हड़ताल का पहले दिन होने के चलते गंदगी इतनी व्यापक तो नहीं दिखी लेकिन यदि हड़ताल लम्बी चलती है तो समस्या गंभीर रूप ले सकती है। इसके अलावा आवश्यक दस्तावेज और कर संबंधी कार्यालय
भी पूरी तरह से बंद रहे।
तो नहीं मिलेगा पानी
संभवतः यह पहला मौका होगा जबकि नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर मे ंपानी की आपूर्ति प्रभावित होगी। सोमवार की सुबह तो टंकियों से पानी दिया गया क्योंकि वह रविवार की रात को ही भर दी गई थी लेकिन समाचार लिखे जाने तक टंकी रिफिल करने के लिए कर्मचारी नहीं पहुंचे थे जिसके चलते अंदेशा जताया जा रहा है कि शाम को पानी शायद ही मिले। वहीं जल प्रभारी श्रीराम शुक्ला ने भरोसा जताया है कि पानी की आपूर्ति हड़ताल के चलते प्रभावित नहीं होगी शहर के लोगों को शाम को पानी मिलेगा। इसके लिए वे अपने स्तर पर प्रयासरत हैं। समाचार लिखे जाने तक रमनगरा वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में काम चल रहा था लेकिन वहां भी हड़ताल शुरू होने की बातें चल रही हैं।
खाली खड़े टैंकर
टंकियों और बोरवेल से मिलने वाले पानी मे ंतो संशय की स्थिति बनी हुई है लेकिन जिन क्षेत्रों में टैंकर से पानी भेजा जा रहा था वहां गंभीर जलसंकट की स्थिति निर्मित हो गई। क्योंकि हड़ताल के चलते टैँकर सप्लाई पूरी तरह से बंद कर दी गई है। जिसके चलते लालमाटी, पोलीपाथर, रांझी बड़ापत्थर सहित शहर के कई स्थान जहां लो प्रेशर के चलते पानी नहीं पहुंच पाता है वहां टैंकरों से भी पानी नहीं पहुंचाया जा रहा है। जबकि महापौर सहित निगमायुक्त जल आपूर्ति के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
सरकार की अलग नीति
विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही इस समय प्रदेश में बड़ी संख्या में अपनी मांगें मनवाने के लिए अलग अलग विभागों के कर्मचारी हड़ताल का रास्ता अपना रहे हैं। चाहे कृषि विभाग के कर्मचारी हों या पंचायत के या फिर शिक्षक विभाग के सभी जगह हड़तालों का दौर चल रहा है। पहलेपहल तो सरकार ने कुछ विभागों की मांगें मान लीं लेकिन अब सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों से बात न करने की नीति पर काम करना शुरू कर दिया है। सरकार ने नीति बनाई है कि पहले हड़ताल खत्म करें फिर बात करें। जिसके चलते निगम कर्मचारियों की हड़ताल का मुद्दा जल्दी सुलझते नहीं दिख रहा है।
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