उज्जैन में महाकाल मंदिर के बाहर WWE जैसी फाइट का नजारा

Advertisements

उज्जैन। नवागत कलेक्टर मनीष सिंह लगातार दौरा कर उज्जैन के महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे हैं लेकिन सालों से यहां जमे फूल दुकानदार इस मंदिर को बदनाम कर रहे हैं। बीतेे दिन यहां मंदिर के ठीक बाहर ही जमकर मारपीट हुुुुई। मारपीट भी ऐसी की लोगों को डब्ल्यूूडब्ल्यूूई (WWE) रेसलिंग की फाइट याद आ गई।

हैरानी की बात तो ये है कि महाकाल मंदिर की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी इस दौरान कहां थे ये बड़ा सवाल है। इस घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा भी सवालों के घेरे में आ गई हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि मारपीट की ऐसी घटनाएं आए दिन होती है, लेकिन प्रशासन इस पर लगाम नहीं लगा पा रहा।

हैरानी की बात ये है कि महाकाल मंदिर के बाहर आय दिन झगडे होते रहते हैं और प्रशासन उसे कंट्रोल नहीं कर पा रहा। शनिवार देर शाम मंदिर के बाहर फूल प्रसाद बेचने को लेकर दो दुकानदार और उनके परिजनों के बीच जमकर मारपीट हो गई। मारपीट ऐसी हुई कि जिसने भी देखा उसके रोंगटे खड़े हो गए। झगड़ा देखकर लोगों को WWE रेसलिंग की फाइट याद आ गई।

दो युवकों के बीच शुरू हुई मारपीट में महिलाएं भी शामिल हुईं और फिर एक युवक ने दूसरे पक्ष की महिलाओं को भी जमकर पीटा। मारपीट में रॉड का उपयोग भी हुआ। बड़ी बात ये है कि घटनास्थल से महज कुछ ही मीटर की दूरी पर थाना और महाकाल मंदिर की पुलिस चौकी है। लेकिन पूरी मारपीट के दौरान कहींं कोई पुलिस कर्मी नजर नहीं आया।

 करीब 15 से 20 मिनट तक महाकाल मंदिर के बाहर तमाशा चलता रहा है। विवाद से शुरू हुआ झगड़ा जल्द ही मारपीट में बदल गया लेकिन पूरे समय पुलिस नदारद रही। जबकि ये दावा किया जाता हैै कि महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था बहुत पुख्ता है और मंदिर परिसर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर है।

हालांंकि पूरी घटना के करीब एक घंंटे बाद पुलिस ने क्रॉस कम्प्लेंट के बाद दोनों पक्षों पर मारपीट का मामला दर्ज किया। इस मामले में फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पूर्व में भी यहां दुकानदारों में खूनी संघर्ष हो चुका है, लेकिन इसे रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन कोई ठोस पहल नहीं कर पाया है। दो दिन पहले भी यहांं फूल प्रसादी बेचने को लेकर चाकूबाजी हुुुई थी जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती है।

बहरहाल महाकाल मंदिर के बाहर हुई इस WWE जैसी मारपीट के बाद मंदिर की सुरक्षा भी सवालों के घेरे में आ गई है। ऐसे में ये सवाल भी उठा रहा है कि महाकाल मंदिर में चार स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था किस काम की। यहांं स्थानीय पुलिस चौकी केे अलावा थाना पुलिस, विशेष सशस्त्र बल, होमगार्ड्स और महाकाल मंदिर की प्रायवेट सिक्योरिटी भी है।

Advertisements