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जबलपुर डॉक्टर मर्डर मामले में बड़ा खुलासा: पुत्री पर ही गलत नीयत थी चिकित्सक की

जबलपुर। कलयुग में जब पिता ही पुत्री को गलत नजर रखने लगे और उसका विवाह तक न होने दे तब ऐसे हालात में एक मां ने अपनी भतीजी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या करना ही उचित समझा। यह मामला नेपियर टाउन के भंवरताल गार्डन के समीप रहने वाले डॉटर शफतउल्ला खान हत्याकांड के पर्दाफाश से उजागर हुआ। हत्या में गुजरात के भाड़े के लोगों का भी उपयोग किया गया था।

भतीजी से मिलकर पत्नी ने भाड़े के आरोपियों सेमिलकर 50-50 हजार में हत्या का किया था सौदापांच लाख और फ़लेट रिश्तेदारों में बंटना था।

उन्हें 5 लाख तथा एकफ़लैट देने का सौदा तय हुआ था। आरोपियों को बतौर एडवांस उन्हें 10 -10 हजार रुपए दिए गए थे। चौंकाने वाली जो बात सामने आई है उसके अनुसार 50 हजार जो बाकी थे वह हत्यारों को मिलने थे और बाकी राशि बेटी को दिये जाने थे। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी आयशा, उसकी भतीजी नंदनी और भाड़े के हत्यारे राजेन्द्र मालवीय को गिरफ़तार कर लिया है। नंदनी के पति पवन  विश्वकर्मा एवं एक अन्य की तलाश जारी है।

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों डाकटर शफतउल्ला खान की घर में घुसकर दो अज्ञात तत्वों ने हत्या
कर दी थी। इस हत्याकांड से शहर में सनसनी फैल गई थी और पुलिस के लिए भी यह घटना चुनौती बनी थी। इस हत्याकांड को इस तरह से अंजाम दिया गया कि यह लूट की वारदात प्रतीत हो जिसके चलते डॉ की हत्या की गई। पुलिस पहले से ही प्रापर्टी, चरित्र और पारिवारिक विवाद को केन्द्र मानकर जांच कर रही थी। पुलिस को जब शक हुआ और परिजनों से पूछताछ की गई तो कई ऐसे सुराग सामने आए
जिससे पुलिस हत्याकांड का खुलासा करने में सफल हो पाई।

अय्याशी प्रवत्ति का था डॉक्टर

शफतउल्ला खान अय्याशी प्रवत्ति का था और उसके कई महिलाओं से संबंध भी थे। जिसको लेकर पत्नी से विवाद भी होता रहा है। लेकिन जब बेटी पर ही डॉक्टर बुरी नजर पड़गई तो उसकी पत्नी आयशा यह बर्दाश्त नहीं कर पाई और उसने हत्या का षड़यंत्र रच डाला।

इसके लिए गुजरात के दो लोगों को सुपारी दी गईथी। घटना के एक दिन पहले ये सभी जबलपुर आ गए थे और स्टेशन में मिले भी थे। पुलिस ने भाड़े के एक हत्यारे राजेन्द्र मालवीय को तो गिरफ़तार कर लिया है लेकिन उसका एक साथी पुलिस के हाथ नहीं लग  या है। इधर नंदनी को गिरतार करने के बाद पुलिस उसके पति पवन विश्वकर्मा की भी तलाश कर रही है।  लिस शुरू से यह मानकर चल रही थी कि प्रदेश के बाहर रहने वाली एक महिला का भी इस हत्याकांड में हाथ हो सकता है। प्रदेश से बाहर की महिला डॉक्टर जो कि डॉ. खान की की पत्नी की भतीजी थी घटना के दिन वह शहर में ही थी तथा स्टेशन पर आरोपियों के आने का इंतजार कर रही थी। घटना के बाद से ही आरोपितों के मोबाइल ट्रैस किए जा रहे थे। इसमें अचानक आ गुजरात की लोकेशन देखकर पुलिस भी दंग रह गई थी। पता चला कि महिला रिश्तेदार कुछ दिन पहले से ही वहां रहने लगी थी। जिसके चलते पुलिस की टीमें दुआ रवाना की गई थीं लेकिन जब घटना के तार गुजरात से जुड़े तो सारा मामला खुल गया। पहले नंदनी कहती रही वह जबलपुर में थी ही नहीं नंदनी से जब पुलिस ने पूछताछ की तो पहले तो वह पुलिस को गुमराह कर कहती रही कि घटना वाले दिन वह जबलपुर में थी ही नहीं। वह तो दुआ गुजरात में थे। लेकिन जब पुलिस ने सती बरती और कॉल डिटेल खंगाले तो सारा मामला परत दर परत खुलता गया और अंततः पुलिस इस हत्याकांड पर से पर्दा उठाने में सफल रही।