भय्यू महाराज सुसाइड केस : अब आसान नहीं देश के 11 आश्रमों का संचालन

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इंदौर। भय्यू महाराज के मौत के बाद उनकी हजारों करोड़ की सपत्ति होने के दावे किए जा रहे हैं। इन सबके बीच सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट के सामने देश में अलग-अलग स्थानों पर 11 आश्रम और 20 बड़ी योजनाओं का संचालन एक बड़ी चुनौती है। ट्रस्ट की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की बात महाराज भी डेढ़ साल पहले स्वीकार चुके थे। ऐसे में उनके आत्महत्या के कदम ने हालत को और मुश्किल कर दिया है।

पारिवारिक कलह में फंसे ट्रस्ट का सबसे प्रमुख इंदौर का सूर्योदय आश्रम है।

इसके अध्यक्ष महाराज के चचेरे भाई दिलीप देशमुख और सचिव तुषार पाटिल है। तुषार का कहना है इसका संचालन 11 ट्रस्टी मिलकर करते हैं। देशभर में 50 कैंपेन भी चलाए जा रहे है। ट्र्‌स्ट की बैलेंस शीट में कार्य अधिक मिलेंगे, जबकि खर्च कम दिखेंगे। इसके पीछे कारण है कि कई लोग सेवा के भाव से सहयोग देते हैं। तालब खुदाई के दौरान कई लोगों ने अपनी मशीनरी और वाहनों के इस्तमाल के लिए कोई शुल्क नहीं लिया तो उसे किस मद में डालें।

हर आने वाले का रिकॉर्ड, मुलाकात की अलग-अलग व्यवस्था

आश्रम आने वाले हर व्यक्ति का रिकॉर्ड रखा जाता था। उनकी रजिस्टर में एंट्री होती थी। मिलने वाले के लिए अलग-अलग व्यवस्था होती थी। सिर्फ दर्शन के लिए आए आमंत्रित, गर्भवती और ऊंचे ओहदे रखने वालों से महाराज जल्दी मुलाकात करते थे। अन्य कार्यों से आने वालों के लिए अपॉइंटमेंट व्यवस्था थी। लोगों की समस्या निवारण के लिए अनुकूलता के हिसाब से दिन भी तय किया जाता था।

30 लोग दैनिक वेतनभोगी और 10 को मिलता है वेतन

इंदौर आश्रम पर करीब 40 लोग काम करते हैं। इनमें से 30 दैनिक वेतनभोगी हैं, जबकि 10 लोगों को वेतन दिया जाता है। कई लोग दो, चार, आठ, पंद्रह दिन और महीनेभर आश्रम पर सेवा देने भी अलग-अलग शहरों से आते हैं। देशभर के आश्रम और ट्रस्ट के स्थानों पर एक हजार से अधिक लोग सेवा देते हैं।

इन आश्रम का खर्च उठाना बड़ी चुनौती

-आदिवासी आश्रमशाला तरनोद (धार) में 150 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इनकी शिक्षण सामग्री, शिक्षकों की फीस, यूनिफॉर्म आदि का खर्च।

-पारदी समाज के निर्धन आदिवासियों के लिए जिला बुलढाना में संचालित सांगोला आश्रमशाला में 700 बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। इसका संचालन भी स्थानीय लोगों के सहयोग से अब तक हो रहा है।

-सोलापुर और उस्मानाबाद (महाराष्ट्र) में मुर्टा आश्रमशाला संचालित की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के निर्धन किसानों के 300 बच्चे रहकर शिक्षा ग्रहण करते हैं।

इन योजनाओं पर संकट

संविधान जागरण अभियान

सूर्योदय रोटी बैंक

सूर्योदय कपड़ा बैंक

सूर्योदय कन्यादान योजना

ऊर्जा परियोजना

(इनके अलावा भी कई अन्य योजनाएं शामिल हैं।)

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