लाड़ली लक्ष्मी योजना से नहीं होगी छेड़छाड़, बनेगा कानून

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भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए अपनी महत्वाकांक्षी लाड़ली लक्ष्मी योजना को कानूनी रूप देने का फैसला किया है। इसको लेकर विधानसभा के मानसून सत्र में विधेयक लाया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को देर शाम हुई कैबिनेट में यह निर्णय लिया गया।

इसके साथ ही आपातकाल के दौरान बंदी रहे मीसाबंदियों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तरह पेंशन मिलती रहेगी। इसके लिए लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक लाया जाएगा। अधिकारियों-कर्मचारियों की बड़ी मांग को पूरा करते हुए अवकाश नकदीकरण की सीमा 240 दिन से बढ़ाकर 300 दिन करने का भी फैसला लिया गया।

जनसंपर्क मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि सरकार की देशभर में प्रसिद्ध लाड़ली लक्ष्मी योजना को कानूनी रूप देने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री कई बार यह बात दोहरा चुके हैं कि सरकार कोई भी रहे लाड़ली लक्ष्मी योजना चलती रहेगी। इसके लिए विधेयक लाया जाएगा।

कर्मचारियों के हित में दो बड़े फैसले

कर्मचारियों के हित में दो बड़े फैसले करते हुए सरकार ने तय किया है कि अब अधिकारियों-कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर अवकाश नकदीकरण की सुविधा केंद्र सरकार के समान 300 दिन की मिलेगी। अभी 240 दिन अवकाश जमा करने के प्रावधान थे। यह व्यवस्था एक जुलाई 2018 से लागू की जाएगी। इसके अलावा प्रोफेशनल टैक्स के लिए आय सीमा बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश वृत्ति कर संशोधन अधिनियम लाया जाएगा।

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