शहर-गांव का हर बच्चा स्कूल जाए-शिवराज

Advertisements

भोपाल : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘स्कूल चलें हम अभियान 2018’ की शुरुआत करते हुए सभी प्रबुद्धजन से अपील की कि वे सचेत रहें और देखें कि पास-पड़ोस, शहर-गांव का हर बच्चा स्कूल जाए। सीएम ने यहां समन्वय भवन में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि हर बच्चे को अनिवार्य स्कूली शिक्षा देना समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी है।

पढ़ाई आनंददायक होना चाहिए और बोझ नहीं लगना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर बच्चे में प्रतिभा, ऊर्जा और क्षमता होती है। बच्चों में झिझक और हिचक टूटना चाहिए। झिझक से प्रतिभा दब जाती है। उन्होंने धर्मराज युधिष्ठिर और महात्मा गांधी का उदाहरण दिया। सीएम ने इस अवसर पर बच्चों द्वारा निकाली गई पत्रिका‘गुल्लक’और प्रकाशित किये गये समाचार पत्र‘नन्ही कलम से’का विमोचन किया।

उन्होंने‘मिल बांचे मध्यप्रदेश’के पोर्टल का शुभारंभ भी किया। पोर्टल का शुभारंभ सात अगस्त को होगा। सीएम ने इस अवसर पर‘गिफ्ट ए बुक अभियान’ का शुभारंभ किया। उन्होंने अभियान की शुरुआत करते हुए अपने निजी संग्रह से शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को कुछ किताबें भेंट की।



उन्होंने प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी पोर्टल और इसके अंतर्गत ई-लर्निंग मॉड्यूल का भी शुभारंभ किया। कहानी उत्सव में प्रथम आने वाले खंडवा के पांचवीं कक्षा के विद्यार्थी रामकृष्ण कान्हारे ने महादेव गोविंद रानाडे की कहानी सुनाई। उसके कहानी सुनाने की शैली से प्रभावित होकर सीएम ने कहानी समाप्त होते ही उसे गले लगा लिया और पुरस्कार स्वरूप 25 हजार रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की।

प्रारंभ में दृष्टि-बाधित बालिका फाल्गुनी और मॉडल स्कूल, भोपाल के विद्यार्थियों द्वारा‘वंदे-मातरम’की प्रस्तुति से भाव-विभोर होकर सीएम ने फाल्गुनी को ब्रेल लिपि का लैपटॉप देने की घोषणा की। उन्होंने ‘वंदे-मातरम’की प्रस्तुति में साथी बालिकाओं को 25 हजार रुपये की सम्मान निधि देने की भी घोषणा की। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह, स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा दीप्ति गौड़ मुखर्जी, प्रमुख सचिव आदिमजाति कल्याण एस एन मिश्रा, आयुक्त लोक शिक्षण जयश्री कियावत आदि उपस्थित थे।

Advertisements