इन दोनों सहित दो दर्जन से ज्यादा मुद्दों पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में प्रस्तावित कैबिनेट में निर्णय लिए जा सकते हैं। केंद्र सरकार ने अवकाश संचयन और नकदीकरण के लिए 300 दिन की सीमा तय की है। प्रदेश के न्यायिक सेवा के अधिकारियों के लिए भी यही व्यवस्था कैबिनेट ने लागू की है, जबकि इनके लिए अलग से कोई नियम नहीं हैं। कर्मचारी संगठन भी केंद्र के समान सुविधा देने की मांग रख रहे हैं।

सवा दो लाख रुपए सालाना आय पर नहीं लगेगा प्रोफेशनल टैक्स

प्रदेश में नियोजित ऐसे व्यक्ति, जिनका सालाना वेतन सवा दो लाख रुपए हैं उनसे प्रोफेशनल टैक्स नहीं लिया जाएगा। यह सीमा अभी 1 लाख 80 रुपए सालाना थी। प्रोफेशनल टैक्स की दरों में संशोधन की घोषणा वित्त मंत्री जयंत मलैया ने बजट भाषण में की थी। इसे अमलीजमा पहनाने के लिए सरकार विधानसभा के मानसून सत्र में मप्र वृत्ति कर अधिनियम 1995 में संशोधन विधेयक लाएगी।