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जानिए भय्यू महाराज की आत्महत्या से पहले उनके घर में क्या कुछ हुआ

इंदौर। आध्यात्मिक संत भय्यू महाराज (उदयसिंह देशमुख) ने मंगलवार दोपहर मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित अपने घर में लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को उनके कमरे से पॉकेट डायरी में लिखा सुसाइड नोट मिला है। इसमें लिखा है कि वे तनाव के कारण आत्महत्या कर रहे हैं। पुलिस और करीबियों के मुताबिक भय्यू महाराज पारिवारिक कलह से मानसिक तौर पर परेशान थे। उनके घर में कुछ भी सामान्य नहीं था।

दूसरी पत्नी और बेटी में जमकर विवाद चल रहा था। पुलिस ने घर से सुसाइड नोट, रिवॉल्वर और मोबाइल, टैब, लैपटॉप, फोन सहित 7 गैजेट्स जब्त कर लिए हैं। परिवार और आश्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने भी कलह की पुष्टि की है।

पढ़िए आत्महत्या से ठीक पहले का घटनाक्रम

  • घटना बायपास स्थित सिल्वर स्प्रिंग (फेज-1) के मकान नं. 1 में हुई। दोपहर करीब 12.15 बजे भय्यू महाराज अचानक अपने कमरे से निकले और बेटी कुहू के कमरे में चले गए।
  • उन्होंने नौकरों को फटकारते हुए कहा कि अभी तक कुहू के कमरे की सफाई क्यों नहीं की। उसकी बेडशीट भी नहीं बदली गई है। कर्मचारियों ने कुहू का बेडरूम व्यवस्थित किया और गुरुजी से क्षमा मांगी।
  • भय्यू महाराज ने कर्मचारी शेखर से उनके मोबाइल पर आई कॉल्स के बारे में पूछा और कहा- सबसे कुछ देर बाद बात करूंगा। शेखर से कहा कि उन्हें डिस्टर्ब नहीं किया जाएं।
  • करीब 10 मिनट बाद हलके धमाके की आवाज सुनाई दी। कर्मचारियों को लगा हवा के झोंके से कुछ सामान गिरा है। कुछ देर बाद पत्नी डॉ. आयुषी उन्हें देखने पहुंचीं। दरवाजा अंदर से बंद मिला तो कर्मचारियों को आवाज लगाई।
  • कर्मचारी विनायक, योगेश व अन्य दौड़कर आए और दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने व जवाब नहीं मिलने पर शक गहराया। उन्होंने धक्का देकर चिटकनी तोड़ी और भीतर घुसे। अंदर भय्यू महाराज को खून से लथपथ पड़ा देख हक्के-बक्के रह गए।
  • पुलिस के मुताबिक, भय्यू महाराज दोपहर को अचानक बेटी कुहू के कमरे में रखे बींस बैग पर जाकर बैठ गए। कुछ देर बाद उन्होंने दाईं कनपटी पर रिवॉल्वर अड़ाकर गोली मार ली। परिजन ने देखा शव के पास रिवॉल्वर पड़ी हुई है। परिजन, कर्मचारी और अनुयायी तुरंत उन्हें लेकर बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।