अमित शाह के करीबी दीपक पचौरी का बीजेपी से इस्तीफा

Advertisements

जबलपुर : बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के जबलपुर दौरे से ठीक पहले दीपक पचौरी के इस्तीफे से समूची प्रदेश बीजेपी में खलबली मच गई है। दीपक एक व्यापक जनाधार वाले नेता हैं।

पार्टी के साथ साथ उन्हें सवर्णों का भी अच्छा समर्थन हासिल है। दीपक बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति में बेहतर जिम्मेदारी निभा रहे थे, लेकिन आरक्षण के मुद्दे पर बीजेपी से सहमत नहीं थे और अमित शाह के आरक्षण पर दिए गए बयान से काफी वक्त से खफा थे। बीजेपी ने दीपक को अनुशासनहीनता के चलते पार्टी के सभी पदों से कार्यमुक्त कर दिया था।

विगत कई वर्षों से वह आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू किए जाने हेतु लगातार आवाज़ बुलंद करते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने इस मुद्दे पर कई आयोजन भी किए। आरक्षण का मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर सुलग रहा है। जिसकी चिंगारी जबलपुर से उठी है। ऐसी स्थिति में दीपक पचौरी का इस्तीफा निश्चित ही बीजेपी के लिए चिंता का कारण बनेगा। इस्तीफे से बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह के नेतृत्व पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं कि वह स्वयं अपने जिले के हालात को समझने और स्थिति को संभालने में नाकाम रहे हैं। बहरहाल अब दीपक पचौरी पर पार्टी का रहा सहा दबाव भी समाप्त हो गया है। जिससे वह खुलकर अपनी पारी खेलेंगे और बीजेपी को सबक सिखाने कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

Advertisements