अटलजी का मेडिकल बुलेटिन जारी, हालत स्थिर लेकिन आज नहीं होंगे डिस्चार्ज

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नई दिल्ली। किडनी में खराबी और श्वसन तंत्र में संक्रमण की शिकायत के बाद सोमवार को एम्स में भर्ती किए गए भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का मेडिकल बुलेटिन जारी हो चुका है। एम्स द्वारा जारी इस बुलेटिन में कहा गया है कि अटलजी को अब भी यूरिनरी इन्फेक्शन बना हुआ है। इसका इलाज किया जा रहा है और आज भी उन्हें अस्पताल से छुट्टी नहीं मिल पाएगी।

 बुलेटिन के अनुसार अटलजी की हालत स्थिर है और एंटीबायोटिक देकर इन्फेक्शन कम करने का प्रयास किया जा रहा है। जब तक यह ठीक नहीं होगा उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा।

बुलेटिन जारी होने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी, अटल जी के हालचाल जानने के लिए एम्स पहुंचे हैं। वहीं कानपुर में लोगों ने अटल जी के जल्द स्वस्थ्य होने की कमना करते हुए यज्ञ का आयोजन किया।

इससे पहले सोमवार को अटल जी को एम्स में भर्ती किए जाने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी, शीर्ष भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एम्स पहुंचे और डॉक्टरों से उनके हालचाल जाने। वह लंबे समय से बीमार चल रहे हैं।

भाजपा ने बयान जारी कर उनके एम्स में भर्ती होने की जानकारी दी। बयान में रूटीन जांच के लिए भर्ती कराने की जानकारी दी गई। हालांकि, एम्स में उनका कार्डियक केयर यूनिट (सीसीयू) में इलाज किया जा रहा है।

संस्थान के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया की देखरेख में चार विभागों के डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोलॉजी, पल्मोनोलॉजी तथा कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों की टीम उनकी जांच कर रही है। मंगलवार सुबह 9 बजे फिर उनकी सेहत को लेकर एम्स मेडिकल बुलेटिन जारी करेगा।

2009 से गंभीर बीमार

ज्ञात हो कि अटलजी डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) से जूझ रहे हैं। वह 2009 से ही व्हीलचेयर पर हैं। उन्हें 27 मार्च 2015 को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनका जन्मदिन (25 दिसंबर) सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है।जल्द स्वस्थ होने की कामना वाजपेयी के एम्स में भर्ती होने की सूचना सोमवार को तेजी से फैली। सोशल नेटवर्क पर ट्वीट कर लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। घर पर ही चल रहा था इलाजएम्स के डॉक्टर अब तक अटलजी के घर पर ही जांच के लिए जाते रहे हैं। डॉ. गुलेरिया भी नियमित तौर पर उनके घर इलाज के लिए जाते थे।

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