Advertisements

MP : राहुल गांधी ने तय किया कांग्रेस का एजेंडा

भोपाल। कहने को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आए थे मंदसौर गोलीकांड में मारे गए किसानों की श्रद्धांजलि सभा में, लेकिन वे 5 माह बाद होने वाले विस चुनाव का एजेंडा तय कर गए। एजेंडे में टॉप पर है किसान फिर युवा और बाद में रोजगार। कांग्रेस नेताओं की याददाश्त में ऐसा जलसा सालों बाद हुआ होगा, जिसमें एक साथ इतनी भीड़ जुटी हो। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ कहते हैं ‘सरकार और प्रशासन के विरोध के बावजूद स्वस्फूर्त और स्वप्रेरणा से किसानों और युवाओं का जुटना ऐतिहासिक घटनाक्रम है।’ राहुल गांधी सालभर बाद मध्यप्रदेश के दौरे पर आए थे।

पिछले साल भी वे किसान आंदोलन के चलते मंदसौर आए थे और इस बार उसकी बरसी पर। इस बीच प्रदेश कांग्रेस की शक्लो-सूरत बदल गई। राहुल गांधी की इस यात्रा का एक मकसद यह भी था कि वे कार्यकर्ता तक यह संदेश पहुंचा दें कि वे इधर-उधर न भटकें, मध्यप्रदेश कांग्रेस यानी कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया। कभी अपने सबसे प्रिय रहे दिग्विजय सिंह को राहुल गांधी ने किसी रणनीति के तहत नेपथ्य में रखा या उनका चेहरा आगे करने में कोई और संकोच है, यह समय ही बता पाएगा।

बाकी नेताओं के लिए संदेश साफ था कि जो जनता के बीच मेहनत करेगा, फल उसे मिलेगा। मध्यप्रदेश में किसान एक बड़ा मसला बना हुआ है। पिछले एक साल से सूबे की सियासत किसानों के इर्दगिर्द ही घूम रही है। पिछले साल 6 जून को पुलिस की गोली से मारे गए छह किसानों की मौत से हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खूब जतन किए।

खजाने का दरवाजा किसानों के लिए खोल दिया। किसानों के हित में कई घोषणाएं हुई। भाजपा इस बात से खुश भी है कि इस बार तमाम कोशिशों के बाद किसान आंदोलन यदि जोर नहीं पकड़ पाया तो इसकी वजह है सरकार द्वारा उनके हित में लिए गए तमाम फैसले।