इंदौर पहली बार मप्र में एचआईवी पीड़ित बच्चे आरटीई के तहत स्कूल में प्रवेश पा सकेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने गुरुवार को आरटीई प्रवेश प्रक्रिया का शेड्यूल जारी किया। प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू होगी, जो 10 जुलाई तक चलेगी। राजस्थान, उप्र सहित कई राज्यों में एचआईवी पीड़ित बच्चों को इस कानून के तहत प्रवेश दिया जा रहा है।

आरटीई प्रवेश प्रक्रिया के दौरान एचआईवी पीड़ित छात्र की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। स्कूल प्रबंधन को भी इनकी जानकारी नहीं दी जाएगी। सिर्फ नोडल अधिकारी को छात्र के दस्तावेजों के साथ एचआईवी ग्रसित होने का सक्षम स्वास्थ्य अधिकारी का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। इंदौर जिले में 1733 स्कूलों की करीब 25 हजार आरटीई सीटों पर प्रवेश होना है।

जिला परियोजना समन्वयक अक्षयसिंह राठौर के मुताबिक आरटीई प्रवेश के लिए यदि किसी पालक को कोई परेशानी आती है तो उसके समाधान के लिए बीआरसी कार्यालय, जिला शिक्षा केंद्र और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर हेल्प डेस्क बनाई गई है। पालक अपने कम्प्यूटर या एमपी ऑनलाइन के कियोस्क सेंटर से फॉर्म भर सकते हैं।

आरटीई में प्रवेश का शेड्यूल

8 से 23 जून के बीच ऑनलाइन आवेदन

25 जून तक आवेदन में सुधार

30 जून को ऑनलाइन लॉटरी

10 जुलाई तक प्रवेश

पालक इन बातों का रखें ध्यान

– जाति प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र जरूरी। पते के प्रमाण के लिए सरकारी दस्तावेज जैसे वोटर आईडी, आधार कार्ड, राशन कार्ड, बिजली बिल, पानी का बिल आदि मान्य होंगे।

– एक से अधिक आवेदन पर फॉर्म निरस्त हो जाएगा।

– ऑनलाइन फॉर्म जमा करते समय वही मोबाइल नंबर दें, जो चालू हो। फॉर्म जमा करने के दौरान ओटीपी आएगा जिसे दर्ज करने पर भी आवेदन का वेरिफिकेशन होगा।

– नर्सरी, केजी 1 और केजी 2 के छात्र के तीन से पांच साल की उम्र हो। पहली में प्रवेश के लिए पांच से सात साल के बीच उम्र हो। इससे कम या ज्यादा उम्र होने पर लॉटरी में नाम नहीं आएगा।

– स्कूल चुनते समय गर्ल्स स्कूल का ध्यान रखें। कई बार बालक के लिए बालिकाओं वाले स्कूल का चयन हो जाता है।

– जिस वार्ड में रहते हैं वहीं के स्कूल को प्राथमिकता दें।