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बेटे ने जीरो बढ़ाकर किए 16 करोड़ के बिल, हैंड राइटिंग की होगी जांच

भिंड। रौन कस्बे में कुशवाह क्लीनिक के संचालक आयुष डॉक्टर इंदल सिंह ने सीएमएचओ डॉ. जेपीएस कुशवाह को बयान दिए कि उन्होंने फौजी बेटे सौरभ सिंह के इलाज के 3 बिल 1.60 लाख रुपए के दिए थे, लेकिन बेटे ने बिल में जीरो बढ़ाए, जिससे राशि 16 करोड़ हो गई।

सीएमएचओ डॉ. कुशवाह का कहना है वे रिपोर्ट भेज रहे हैं। आर्मी हेडक्वार्टर 16 करोड़ के बिल की हेंड राइटिंग जांच कराएगा, जिससे साफ होगा कि बिलों में छेड़छाड़ हुई या नहीं। यहां बता दें भारतीय सेना की साउथ वेस्टर्न कमांड 19 मैकेनिकल इंफेंट्री के लेफ्टिनेंट कर्नल अंकुर टंडन के पत्र के बाद सीएमएचओ की टीम ने बुधवार को रौन में डॉ. सिंह का कुशवाह क्लीनिक सील किया है।

यह है पूरा मामला

रौन के आयुष डॉक्टर राजावत के फौजी बेटे सौरभ सिंह को ड्यूटी पर वर्ष 2013 में सिर में चोट लगने से हेड इन्जुरी हुई थी। सौरभ का इलाज आर्मी हॉस्पिटल में कराया गया। सौरभ घर आए तो पिता डॉ राजावत ने इलाज किया।

इलाज के एवज में आर्मी हेडक्वार्टर को 10 मार्च 2014 व 20 सितंबर 2014 के दो बिल 6-6 करोड़ रुपए और 6 मई 2017 का 4 करोड़ के बिल भुगतान के लिए भेजे गए, जो कुशवाह क्लीनिक के नाम से थे। 16 करोड़ के बिल देखकर आर्मी अफसरों का माथा ठनका। साउथ वेस्टर्न कमांड 19 मैकेनिकल इंफेंट्री के लेफ्टिनेंट कर्नल अंकुर टंडन ने 20 अप्रैल को कलेक्टर इलैया राजा टी को बिल की जांच कराने पत्र लिखा।

कलेक्टर ने 27 अप्रैल को यह पत्र जांच के लिए सीएमएचओ को भेजा। सीएमएचओ की टीम बुधवार को जांच करने पहुंची तो खामियां मिलने पर कुशवाह क्लीनिक सील कर दी। डॉ. राजावत के बयान लिए। डॉ. राजावत ने कहा उन्होंने 1.60 लाख के बिल दिए थे, लेकिन बेटे ने जीरो बढ़ा लिए, जिससे बिल 16 करोड़ के हो गए। अब यही पूरी रिपोर्ट सीएमएचओ डॉ. कुशवाह ने आर्मी हेडक्वॉर्टर भेजी है।

पात्रता नहीं, बेटे को दिया 40 दिन छुट्टी का सर्टिफिकेट

सीएमएचओ डॉ. जेपीएस कुशवाह का कहना है कि उन्होंने रौन में डॉ. इंदल सिंह कुशवाह के क्लीनिक की पड़ताल की तो पाया कि बिल कागज के टुकड़ों पर दिए गए थे। कुशवाह क्लिनिक का 2011 से रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है।

सीएमएचओ डॉ. कुशवाह का कहना है कि इतना ही नहीं बिना पात्रता के ही डॉ. सिंह ने अपने फौजी बेटे को 40 दिन छुट्टी के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जारी कर दिया। सीएमएचओ का कहना है कि टीम जब उनकी क्लिनिक पर पहुंची तो वहां आयुर्वेद या पंचकर्म पद्धति के बजाए ऐलोपैथिक में इलाज होते मिला। पांच मरीजों को ड्रिप लगी हुई थी।

इनकी बात

2013 में नायब सूबेदार डीसी गौरव ने बेटे सौरभ के सिर में सरिया मार दिया था, जिससे उसे मानसिक विकलांगता आई थी। सौरभ छुट्टी पर आए थे तब इलाज किया। हमने जो बिल दिए हैं वह 1.60 लाख के हैं। बिल में बाद में जीरो बढ़ाई गई। सौरभ जब छुट्टी पर आए तब इलाज किया। इसी के हमने दो बार 60-60 हजार और एक बार 40 हजार का बिल दिया।

डॉ. इंदल सिंह राजावत, फौजी सौरभ सिंह के पिता

इनका कहना है

आर्मी हेडक्वार्टर से कलेक्टर के पास आए पत्र के बाद हम 16 करोड़ के बिलों की जांच करने पहुंचे थे। डॉ. राजावत ने बयान दिया है कि उन्होंने 1.60 लाख के बिल दिए थे, लेकिन बेटे ने जीरो बढ़ाकर 16 करोड़ के बिल कर लिए। हम रिपोर्ट भेज रहे हैं। आर्मी हेडक्वार्टर हेंड राइटिंग जांच कराएगा, जिससे साफ होगा कि बिल में बाद में जीरो बढ़ाए गए या नहीं।

डॉ. जेपीएस कुशवाह, सीएमएचओ, भिंड