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सीएम योगी से मिलकर खुश नजर आए अयोध्या के संत, कहा- मंदिर निर्माण जल्द होगा

लखनऊ। अयोध्या के साधु-संतों ने गुरुवार को लखनऊ स्थित सीएम के सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. इस दौरान अयोध्या के विकास के साथ राम मंदिर के निर्माण पर भी चर्चा हुई.
सीएम योगी से मुलाकात के सभी साधु संत काफी खुश नजर आए. मुलाकात के बाद संतों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राम मंदिर का निर्माण जल्द शुरू होगा. मुख्यमंत्री ने मंदिर निर्माण के लिए किया आश्वासन दिया है. साथ ही अयोध्या की सूरत भी जल्द बदलेगी. उन्होंने कहा कि 25 जून को होने वाले धर्म संसद में भी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण ही सबसे बड़ा मुद्दा होगा. संतों ने कहा अब मंदिर निर्माण का वक्त आ गया है. उन्होंने कहा कि अब बलिदान देने का नहीं बल्कि लेने का समय आ गया है. उनका साफ इशारा था कि केंद्र और प्रदेश में बीजेपी सरकार है. इससे अच्छा मौका नहीं हो सकता.
संतों का कहना था कि मुख्यमंत्री खुद राम मंदिर निर्माण के लिए चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि वैसे तो सुप्रीम कोर्ट में फैसला उन्हीने पक्ष में आएगा, लेकिन फिर भी अब मंदिर निर्माण का वक्त आ चुका है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री 25 जून को इलाहाबाद में होने वाले संत सम्मलेन में शामिल होंगे. संत सम्मलेन में भी राम मंदिर निर्माण ही मुद्दा होगा.
गौरतलब है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण में देरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अयोध्या से दूरी पर नाराज संतों और धर्माचार्यों के विरोधी सुर मुखर होने लगे थे. मुद्दे पर प्रधानमंत्री की ख़ामोशी संत-धर्माचार्य और हिंदू संगठनों को खटकने लगी थी. जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के संतों से गुरुवार को लखनऊ मुलाकात की.
इस मुलाकात के दौरान राम मंदिर निर्माण से लेकर घाघरा का नाम बदलकर सरयू करने जैसी मांग रखी गई. जिस पर भी सीएम योगी ने उन्हें आश्वासन दिया है.
मुख्यमंत्री संतों से करीबी माने जाते हैं. लिहाजा  संतों को मनाने का जिम्मा उन्हें सौंपा गया था. इस मुलाकात में रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, बड़ाभक्त महल के महंत अवधेश दास, राम बल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास, महंत डॉ. भरत दास समेत अन्य शामिल रहे.

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