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सरकार ने राम मंदिर का काम शुरू नहीं कराया तो उठाना पड़ेगा भाजपा को नुकसान

अयोध्या. राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने मंगलवार को कहा कि अगर भाजपा 2019 का चुनाव जीतना चाहती है, तो उसे मंदिर का निर्माण शुरू कर देना चाहिए। दास ने कहा कि अगर भाजपा ऐसा नहीं करती है तो उसे मुश्किल होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने राम के साथ एक तरह से धोखाधड़ी की, वो सत्ता में राम के नाम से आई और फिर उन्हें भूल गई। बता दें कि दास ने ये बातें केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के उस बयान पर कहीं, जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा के एजेंडा में हिंदुत्व और मंदिर के लिए जगह नहीं होगी।

मंदिर निर्माण नहीं शुरू किया तो आंदोलन करेंगे- परमहंस दास
नकवी के बयान के बाद राम जन्मभूमि न्यास के पूर्व महंत और दिगंबर अखाड़ा के परमहंस दास ने भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “अगर भाजपा 2019 में फिर से सत्ता में आना चाहती है तो उसे राम मंदिर बनाना ही होगा। अगर भाजपा ऐसा नहीं करेगी तो हम उसके खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे, इसके बाद उनकी हार निश्चित होगी।

नकवी ने कहा था- विकास ही एजेंडा

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी से कुछ दिन पहले गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान राम मंदिर के मुद्दे पर सवाल किया गया था।
नकवी ने कहा, “2019 के चुनावों में हिंदुत्व और राम मंदिर जैसे मुद्दों के लिए कोई जगह नहीं होगी, विकास ही हमारा एक सूत्रीय एजेंडा होगा। पीएम मोदी ही नहीं, भाजपा का भी मुख्य मुद्दा विकास है।”

सुप्रीम कोर्ट पक्षकारों की याचिका पर कर रहा है सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट अयोध्या विवाद में पक्षकारों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। इसके अलावा पूजा के अधिकार के संबंध में सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर भई सुनवाई की जाएगी।
अयोध्या मामले में सुन्नी वक्फ बोर्ड, रामलला विराजमान और निर्मोही आखाड़ा तीन पक्ष हैं।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विवादित जमीन 3 हिस्सों बांटने का दिया था ऑर्डर
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2010 में विवादित 2.77 एकड़ जमीन 3 बराबर हिस्सों में बांटने का ऑर्डर दिया था। अदालत ने रामलला की मूर्ति वाली जगह रामलला विराजमान को दी। सीता रसोई और राम चबूतरा निर्मोही अखाड़े को और बाकी हिस्सा मस्जिद निर्माण के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को दिया था।