मोदी के गुजरात मॉडल पर लिखी किताब ‘चिंतन शिविर’ से MP के अफसर सीखेंगे सुशासन के टिप्स

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भोपाल। चुनावी साल में शिवराज सरकार के अफसर अब पीएम मोदी के जीवन से सुशासन का पाठ सीखेंगे. केंद्र ने अफसरों का ज्ञान बढ़ाने और प्रशासनिक फैसले लेने की क्षमता बढ़ाने के लिए पीएम मोदी के गुजरात मॉडल पर लिखी गई किताब ‘चिंतन शिविर’ राज्य सरकार को भेजी है. लेखक वरुण मारिया की लिखी किताब में 2003 से लेकर 2011 तक गुजरात में नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री काल के भाषणों और चिंतन शिविरों की जानकारी दी गई है.

नरेंद्र मोदी के बतौर मुख्यमंत्री गुजरात में हुए विकास को अब बीजेपी सरकार पूरे देश में मॉडल के रूप में पेश करने जा रही है. इसके लिए बाकायदा केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने मोदी के गुजरात मॉडल पर

लिखी गई किताब ‘चिंतन शिविर’ राज्यों को भेजी है. एमपी में केंद्र ने पच्चीस किताबों का बंडल भेजा है जिसे राज्य मंत्रालय से लेकर लाइब्रेरी में रखा जाएगा ताकि राज्य के प्रशासनिक अफसर इस किताब को पढ़ सुशासन के तरीके सीख सकें और गुजरात मॉडल की तर्ज पर प्रदेश का विकास हो सके.

इस पर कांग्रेस प्रवक्ता मृणाल पंत ने कहा कि बीजेपी की सरकार बनने के बाद से नित नई परंपराएं प्रारंभ की जा रही हैं. पहले देश का निर्माण करनेवाले ऐसे राजनेता जो अब नहीं रहे उनकी जीवनी लोगों को पढ़ाई जाती थी. ऐसा इसलिए ताकि नए लोग प्रेरणा ले सकें. अपने जीवनकाल में ही खुद को महिमा मंडित करने की प्रवृत्ति यह दिखाती है कि आज के नेताओं या प्रधानमंत्री को यह भरोसा नहीं है कि इतिहास उन्हें कल किस दृष्टि से याद करेगा.

लेकिन मोदी सरकार की इस पहल पर अब प्रदेश में सियासत छिड़ गई है. कांग्रेस ने बीजेपी सरकार की नई परंपरा पर अपना विरोध जताना शुरू कर दिया है. वहीं नरेंद्र मोदी के गुजरात मॉडल और फिर चार साल बतौर पीएम पद पर रहने के कार्यकाल को विकास पुरुष की संज्ञा दी जा रही है. बीजेपी के मुताबिक नरेंद्र मोदी के गुजरात विकास के मॉडल को अपनाकर विकास को गति दी जा सकती है.

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