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केंद्र सरकार बढ़ा सकती है कर्मचारियों की सैलरी, विदेशी एजेंसियों ने दिए ये संकेत

नई दिल्ली। केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने की कोशिश में लगी है। कर्मचारियों की मांग है की उनकी न्यूनतम सैलरी को 26,000 रुपए कर दिया जाए। इसके अलावा यह भी मांग है कि उनके फिटमेंट फेक्टर को भी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से पर भी बढ़ाया जाए। कर्मचारी चाहते हैं कि उनके फिटमेंट फेक्टर को 3.68 गुना बढ़ा दिया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के चलते इतने कम रुपए में खर्च चलाना मुश्किल है। हालांकि सरकार की तरफ से सैलरी बढ़ाने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। सरकार सैलरी बढ़ा भी सकती है। इसके लिए फंड की जरुरत पड़ेगी। अलग अलग ऐजेंसियां के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था लगातार सुधर रही है। भारत की इकॉनोमी का ग्रोथ रेट 7.4 फीसदी होने वाला है। एक एजेंसी ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है।

फिच के मुताबिक भारत का ग्रोथ रेट 7.5 फीसदी तक जाएगा। फिच के मुताबिक मार्च 2019 के आखिर तक ग्रोथ रेट 7.3 फीसदी रहने का अनुमान है। वहीं वित्त वर्ष 2020 में यह 7.5 फीसदी होने का अनुमान है। वहीं वित्त वर्ष 2018 में 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। वहीं कुछ बड़ी ऐजेंसियों ने भी कहा है कि भारत की अर्थव्यस्था सुधर रही है। नोटबंदी के बाद इसका जीडीपी रेट बढ़ रहा है। अगर देश की अर्थव्यवस्था लगातार सुधर रही है तो इससे केंद्रीय कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार उनकी सैलरी बढ़ा सकती है। अर्थव्यवस्था की स्थिति उम्मीद को बढ़ा रही है क्योंकि कई सकारात्मक चीजें हो रही हैं।

आपको बता दें कि जीएसटी (वस्तु और सेवा कर) पहली बार 1 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा है। जीएसटी का कुल 1,03,458 करोड़ रुपए का कलेक्शन हुआ था। इससे सरकार को बड़ी राहत मिलेगी। यह आंकड़ा आने वाले महीनों में बढ़ने की उम्मीद है। सरकारी राजस्व भी इससे काफी बढ़ेगा। इससे पहले इसकी शुरुआत बहुत धीमी हुई थी। हालांकि रिटर्न दाखिल करने पर भ्रम खत्म होने के बाद इसमें तेजी आई है।