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तो यह है फार्मूला, भाजपा का दावा कांग्रेस के 7 विधायक उसके संपर्क में हैं

बेंगलुरू। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में 104 सीटें जीतकर भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन सत्ता के जादुई आंकड़े से 8 सीट दूर है। वहीं कांग्रेस और जेडीएस मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करने का फैसला कर चुके हैं। इन दोनों के पास क्रमशः 78 और 38 यानी कुल 116 विधायक हैं।

इस तरह प्रदेश में जारी सरकार बनाने की जद्दोजहद के बीच भाजपा के सीएम कैंडिडेट बीएस येदियुरप्पा ने मंगलवार को ही राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया था। सवाल यही है कि 104 विधायकों के दम पर भाजपा कैसे सरकार बनाएगी।

भाजपा खेमे से सूचना है कि एक निर्दलीय के साथ ही केपीजेपी और बसपा का एक-एक विधायक यानी कुल तीन विधायक उनके साथ हैं। इस तरह भाजपा समर्थक विधायकों की संख्या (104+3) 107 पहुंच जाती है। भाजपा का दावा है कि कांग्रेस के 7 विधायक उसके संपर्क में हैं। ये 7 विधायक लिंगायत समुदाय से हैं, जो जेडीएस से हाथ मिलाए जाने से खफा हैं।

भाजपा को सदन में विश्वासमत हासिल करने के लिए 107 विधायकों की जरूरत हो सकती है यदि वोटिंग के समय कुल सीटों की संख्या 224 से घटकर 213 रह जाए।

कुल सीटों की संख्या 213 रह जाए, यह इस तरह संभव है कि दो सीटों पर अभी वोटिंग होना बाकी है। इसके अलावा कांग्रेस के सात विधायक वोटिंग वाले दिन सदन से गैर हाजिर रहें। इसके बाद स्पीकर और कुमारस्वामी का वोट कम कर दिया जाए। स्पीकर वोट नहीं देते हैं और कुमारस्वामी दो सीटों से जीते हैं। इसलिए उन्हें एक सीट खाली करना होगी। इस तरह आंकड़ा 213 पर पहुंच जाता है और भाजपा की सरकार बन सकती है।

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