कर्नाटक के राज्यपाल पर सबकी निगाहें, जानिए कौन हैं गवर्नर वजुभाई वाला

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वेब डेस्क। कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018 में किसी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। 224 सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं कांग्रेस के खाते में 78 और जेडीएस की झोली में 38 सीटें गई हैं। सरकार बनाने का जादुई आंकड़ा 113 है।

पर्याप्त संख्याबल नहीं होने के बावजूद भाजपा के सीएम पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा ने प्रदेश के राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा ठोंका है। वहीं कांग्रेस के समर्थन के बाद जेडीएस के कुमारस्वामी को भी गठबंधन सरकार बनाने की उम्मीद जगी है और उन्होंने भी राज्यपाल से मुलाकात की है।

इस तरह अब गेंद पूरी तरह से राज्यपाल वजुभाई वाला के पाले में है। माना जा रहा है कि वे चुनाव आयोग से आधिकारिक परिणाम मिलने के बाद स्वविवेक से निर्णय करेंगे और संबंधित पक्ष को सरकार बनाने तथा नियत समय में सदन में बहुमत साबित करने का आदेश देंगे। जानिए कौन हैं वजुभाई वाला, जिन पर टिकी हैं सभी की निगाहें-

 मूल रूप से गुजरात के रहने वाले वजुभाई वाला का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से पुराना नाता रहा है। संघ में रहते हुए 1971 में वे जन संघ में शामिल हुए थे। 80 के दशक में वे राजकोट के मेयर भी रहे।
  • वजुभाई ने पश्चिम राजकोट विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और विधानसभा सदस्य रहे। राजकोट से कांग्रेस का सफाया करने में उनकी अहम भूमिका रही।

  • इस दौरान वे भाजपा सरकार में कई बार मंत्री भी रहे। 1998 से 2012 के बीच उन्होंने वित्त, श्रम और रोजगार कैसे मंत्रालय संभाले।

  • वजुभाई वही शख्स हैं, जिन्होंने नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री के तौर पर नामांकित किए जाने के बाद 2002 में उनके लिए अपनी सीट (राजकोट पश्चिम) छोड़ दी थी। मोदी राज में वजुभाई कई साल मंत्री रहे।

  • मोदी के करीबी माने जाने वाले वजुभाई 2012 से 2014 तक गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे। उन्हें सितंबर 2014 में कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया गया था।

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