एशिया कप हॉकी : नंबर एक का दर्जा बनाए रखने के इरादे से उतरेगा भारत

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ढाका। एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट का आगाज बुधवार से होने जा रहा है। एशिया में नंबर एक का अपना दर्जा बनाए रखने की कवायद में भारतीय हॉकी टीम टूर्नामेंट के पहले मैच में जापान का सामना करेगी।

एशिया कप भारतीय हॉकी में नए युग का सूत्रपात भी होगा, चूंकि रोलैंट ओल्टमैंस की बर्खास्तगी के बाद 43 वर्षीय नए कोच शोर्ड मारिन के मार्गदर्शन में यह पहला टूर्नामेंट होगा। ओल्टमैंस के चार साल के कार्यकाल में भारतीय हॉकी टीम विश्व रैंकिंग में 12वें से छठे स्थान पर पहुंच गई थी।

पिछली बार उप विजेता रही भारतीय टीम की कमान मिडफील्डर मनप्रीत सिंह के हाथ में है। भारत को पूल-ए में जापान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ रखा गया है। पूल-बी में गत चैंपियन कोरिया, मलेशिया, चीन और ओमान हैं। भारत का इरादा जीत के साथ आगाज करने का होगा।

मनप्रीत ने कहा, ‘शुरुआती मैच हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि हमें नर्वस हुए बिना लय हासिल करनी होती है। टीम के हौसले बुलंद हैं और हम इस चुनौती के लिए तैयार हैं। हम इस टूर्नामेंट में सर्वोच्च रैंकिंग वाली टीम के रूप में उतरेंगे और हमारा लक्ष्य नंबर वन का दर्जा बनाये रखने का होगा।’

भारत ने इस साल अजलान शाह कप में जापान का 4-3 से हराया था। भारतीय टीम जापान को कमजोर आंकने की गलती नहीं कर सकती जो समय-समय पर जाइंट किलर साबित हुई है। उसने अजलान शाह कप में विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 3-2 से हराया था। एशिया कप के बाद भारत को दिसंबर में भुवनेश्वर में एफआइएच विश्व हॉकी लीग फाइनल खेलना है।

हाल ही में यूरोप दौरे पर युवाओं को मौका देने के बाद अब युवा और अनुभवी खिलाड़ियों की मिली जुली टीम उतारी गई है। गोलकीपर आकाश चिकते और सूरज करकेरा ने टीम में अपनी जगह बरकरार रखी है, जबकि डिफेंडर हरमनप्रीत सिंह और सुरेंद्र कुमार ने यूरोप दौरे पर आराम दिए जाने के बाद वापसी की है। टूर्नामेंट में पूर्व कप्तान सरदार सिंह, आकाशदीप सिंह, सतबीर सिंह और एसवी सुनील जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की भी वापसी हुई है।

‘एशिया कप नई शुरुआत है। सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि टीम के लिए भी। हमें इस टूर्नामेंट के जरिये एक-दूसरे को आंकने का मौका मिलेगा।’ – शोर्ड मारिन, कोच, भारतीय हॉकी टीम

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