माता-पिता और गुरु सेवा श्रेष्ठ कर्मों में सर्वोपरि-संजय सत्येन्द्र पाठक

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कटनी। माता पिता के साथ गुरु की कृपा मुझ पर सदैव बनी रही। मेरा सौभाग्य है कि गुरुजनों का आज मेरे पिता की भूमि में समागम हुआ। बिरुहली कि धरती धन्य हुई। यह विचार आज पिताश्री पूर्व केबिनेट मंत्री श्री सत्येन्द्र पाठक की द्वितीय पुण्यतिथि के अवसर पर राज्यमन्त्री संजय पाठक ने व्यक्त किये।

पूर्व केबिनेट मंत्री श्री सतेंद्र पाठक की द्वितीय पुण्यतिथी के अवसर पर ग्राम बिरुहली में एक दिवसीय राम कथा का आयोजन परम पूज्य राजगुरु श्री संकर्षण प्रपत्र रामानुजाचार्य जी बड़े महराज, पूज्य ग्रहस्थ सन्त पँडित श्री देव् प्रभाकर शास्त्री दद्दा जी एवं पूज्य बद्री प्रपन्नाचार्य जी श्री युवराज स्वामी के सानिध्य में किया गया।

अपने भावुक उद्बोधन में राज्यमंत्री संजय सतेंद्र पाठक ने माता पिता और गुरु सेवा को ही जीवन सुफल करने का माध्य्म और श्रेष्ठ सर्वोपरी कर्तव्य बताया। सन्तों की मंच पर इस आशीर्वाद रूपी उपस्थिति के बीच उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में विजयराघवगढ़ में में सप्त दिवसीय रामकथा संतो के सानिध्य में आयोजित होगी। इसके पूर्व श्री पाठक ने सन्तों का पूजन अर्चन किया।

एक दिवसीय सुंदरकांड पाठ व श्रीराम कथा का आयोजन बिरुहली में पूरे आस्था व धार्मिक वातावरण में सम्पन हुआ। संतो के सानिध्य में आयोजित हुए इस विशाल व भव्य कार्यक्रम में समूचे विजयराघवगढ़ क्षेत्र के कैमोर, बरही, खितौली क्षेत्र सहित कटनी, जबलपुर, उमरिया, अनूपपुर, कोतमा से भी बड़ी संख्या में लोगो ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के आयोजक पूर्व महापौर श्रीमती निर्मला पाठक, राज्यमंत्री संजय सत्येंद्र पाठक, सायना स्कूल की चेयरमैन श्रीमती निधि पाठक आगंतुकों का अभिवादन पूरे आत्मीयता से किया।

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