आसाराम को पकड़ना आसान नहीं था

नेशनल डेस्‍क। तारीख 31 अगस्त, 2013… पूरी दुनिया की नजर इंदौर पर टिकी थी… दो राज्यों की पुलिस का डेरा था…

हर गुजरते पल के साथ धड़कने तेज हो रही थी…

आला अफसर हर हरकत पर नजर रखे हुए थे…

कभी बातचीत का दौर चल रहा था…

तो कभी प्रवचन… वक्त गुजरता जा रहा था…

सुबह से शुरू हुआ यह सिलसिला आधी रात तक पहुंच गया…

जब रात गहराने लगी तो…

चंद मिनट में पुलिस ऐसे हरकत में आई और हजारों अनुयाईयों से घिरे संत पहुंच गए पुलिस हिरासत में।

यह कहानी है आसाराम की, जिसे इंदौर पुलिस ने बड़ी ही सूझबूझ के साथ गिरफ्तार कर लिया था. आसाराम को पकड़ना आसान नहीं था. इंदौर के खंडवा रोड पर उसके आश्रम में हर जगह अनुयाईयों का बोलबाला था. यहां महिलाओं को ढाल बनाया गया था, लेकिन पुलिस को इसका अंदाजा था. इसलिए तमाम कोशिशों के बावजूद पुलिस उन्हें यहां से गिरफ्तार कर बाहर लेकर निकल गई.

गिरफ्तारी के पहले 27 अगस्त की सुबह इंदौर पुलिस आश्रम पहुंची और कुछ देर बाद चली गई. इस बीच जमानत की संभावना खत्म होती देख आसाराम 30 अगस्त की रात भोपाल से देवास होते हुए इंदौर आ गए थे. आसाराम दो दिनों तक भोपाल में रहे और अचानक इंदौर के लिए रवाना हो गए थे. पूर्व में संभावना जताई जा रही थी कि वे रात की उड़ान से इंदौर से अहमदाबाद जा सकते हैं, मगर ऐसा नहीं हुआ.
तभी से उनकी मौजूदगी को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाते रहे. कभी आसाराम के आश्रम में तो कभी आश्रम से बाहर होने की चर्चाएं गर्म रहीं. गिरफ्तारी वाले दिन दोपहर बाद से हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया था. नारायण की अपील पर हजारों अनुयाई आश्रम में जुट गए थे.


सबसे पहले आसाराम के बेटे मीडिया के सामने आए थे और कहा था कि आसाराम कहीं भागे नहीं हैं, इंदौर के ही आश्रम में जोधपुर पुलिस का इंतजार कर रहे हैं, और खुद जाना भी चाहते हैं. फिर भी आसाराम की गिरफ्तारी आसान नहीं थी. आसाराम के यहां नहीं होने की दुहाई दी जा रही थी. तबीयत खराब होने का हवाला भी दिया गया. मीडिया को दूर रखने की कोशिश की गई.

रात होते-होते आसाराम न केवल सामने आए, बल्कि प्रवचन देकर भक्तों को आंदोलित भी करने लगे थे. वह सरकार और पुलिस पर निशाना साध रहे थे. इस बीच आश्रम के अलग-अलग गेट पर पुलिस की नजर थी, तो अनुयायी भी कोशिश कर रहे थे कि किसी तरह मौका मिले और आसाराम को यहां से बाहर निकाल दे.

आसाराम पुलिस के संयम की परीक्षा ले रहे थे, तो पुलिस भी इंतजार कर रही थी कि श्रद्धालु थककर चूर हो जाए. रात गहरा रही थी. श्रद्धालू नींद के आगोश में थे. पुलिस ने ऐसे में रणनीति में बदलाव किया धीरे-धीरे फोर्स को वहां से हटाना शुरू किया गया. मैसेज दिया गया कि अब शायद गिरफ्तारी को सुबह तक के लिए टाल दिया गया है. लेकिन ऐसा केवल दिखावे भर के लिए था.

पुलिस अफसर एक अलग ही रणनीति पर काम कर रहे थे. वो इंतजार कर रहे थे, जब दूसरा पक्ष थोड़ा कमजोर और सुस्त पड़े और ऐसा ही हुआ भी. मौका मिलते ही ताबड़तोड़ भारी पुलिस बल वहां पहुंचा आसाराम को हिरासत में लिया गया, जिन्होंने विरोध किया उन्हें बलप्रयोग कर खदेड़ दिया गया था. पुलिस आसाराम को एयरपोर्ट ले गई.

जोधुपर पुलिस के पास एक चिकित्सकीय रिपोर्ट थी कि आसाराम पूछताछ के लिए फिट हैं. आश्रम में करीब आठ घंटे तक इंतजार करने के बाद जोधपुर पुलिस ने 72 वर्षीय आसाराम को रात करीब साढ़े 12 बजे गिरफ्तार किया और उन्हें एक सफेद जीप में लेकर रवाना हो गई थी.

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