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राहुल का PM मोदी पर निशाना कहा- देश की नहीं खुद की बात करते हैं पीएम

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को “संविधान बचाओ” राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला। राहुल ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी को देश में हो रही घटनाओं से कोई मतलब नहीं, वो सिर्फ अपने मन की बात करते हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष बोले कि पिछले 70 सालों में कांग्रेस ने इस देश को बनाने और सम्मान बढ़ाने का काम किया है लेकिन जब से भाजपा और आरएसएस सत्ता में आई है तब से दुनिया में भारत की छवि खराब हो रही है। संविधान ने हमें आईआईटी, आईआईएम और संसद दी, हम इतने सालों इनका सम्मान करते आए लेकिन भाजपा सरकार इनका सम्मान नहीं करती।

राहुल गांधी ने कहा कि अपनी किताब कर्मयोग में पीएम मोदी वाल्मिकी समाज के लोगों द्वारा सफाई के काम को उन्होंने स्पिरिचुअल अनुभव करार दिया है, यह उनकी दलित विरोधी मानसिकता को दिखाता है।

राहुल ने आगे कहा कि पीएम ने अपने सांसदों को कहा है कि मीडिया को मसाला ना दें और चुप रहें, केवल मैं बोलूंगा और अपने मन की बात करूंगा। पीएम मोदी संसद में नहीं बोलते अगर मुझे संसद में 15 मिनट बोलने का मौका दे दिया जाए तो प्रधानमंत्री मेरे सामने खड़े नहीं हो सकते।

राहुल आगे बोले कि देश में दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं, मीडिया को दबाया जा रहा है, बच्चियों के साथ दुष्कर्म होता है लेकिन मोदी जी को इससे कोई मतलब नहीं, वो सिर्फ यह जानते हैं कि पीएम कैसे बना जाता है।

अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दलितों में पैठ पुख्ता करने की रणनीति के तौर देखे जा रहे इस अभियान की शुरुआत के मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पार्टी महासचिव गुलाम नबी आजाद, वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खडगे, सुशील कुमार शिंदे समेत कई और वरिष्ठ नेताओं के मौजूद थे।

इनके अलावा पार्टी के पूर्व और मौजूदा दलित सांसद, विधायक, जिला परिषद तथा पंचायत समितियों के सदस्य भी कार्यक्रम में शिरकत कर रहे हैं, जिन्हें दलितों के मौजूदा हालात के बारे में जागरूक किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक ये लोग ऐसे ही अभियान राज्यों में चलाएंगे।

पार्टी के एक नेता ने कहा- “भाजपा शासन में संविधान खतरे में है। दलितों को शिक्षा और रोजगार के मौके देने से इनकार किया जा रहा है। कार्यक्रम इन मुद्दों को देश भर में उठाने के लिए है। मालूम हो कि देश भर में करीब 17 फीसदी दलित मतदाता हैं। लोकसभा में 84 सीटें अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए सुरक्षित हैं। भाजपा ने 2014 में इन सीटों में से करीब आधी सीटें जीती थीं। जबकि कांग्रेस को इनमें से सिर्फ तीन-चार सीटें ही मिलीं।

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