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झिंझरी जेल में विचाराधीन कैदी की मौत

कटनी। हत्या के प्रयास के आरोप में झिंझरी स्थित जिल जेल में बंद एक विचाराधीन बंदी की आज सुबह अचानक मौत हो गई। विचाराधीन बंदी की मौत होने के बाद जेल प्रशासन में हड़कम्प मच गया। आनन-फानन मृतक के परिजनों को सूचना दी गई। जिस पर मृतक के परिजन जेल पहुंचे और जेल प्रबंधन पर हत्या का आरोप लगाते हुए कार्यवाही की मांग की।

इस संबंध में पुलिस एवं अन्य सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुठला थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम गुड़हरी निवासी मृतक रामजी के पिता दशरथ गड़ारी ने बताया कि गांव के ही मुकेश ठाकुर ने रामजी और दुलारे चौधरी को ठेके पर खेत दिया था और फसल अच्छी होने पर कटाई के पहले ही खेत वापस ले लिया। जिसके चलते दुलारे चौधरी और मुकेश ठाकुर के बीच विवाद हुआ।

विवाद के चलते रामजी गड़ारी और मुकेश ठाकुर ने मिलकर दुलारे चौधरी से मारपीट की। इस घटना में दुलारे चौधरी को गंभीर चोटें आईं। कुठला पुलिस ने रामजी गड़ारी और मुकेश ठाकुर के विरूद्ध हत्या के प्रयास का मामला धारा 307 के तहत दर्ज किया और दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से दोनों को झिंझरी स्थित जिला जेल भेज दिया गया। बताया जाता है कि दोनों ही आरोपियों की जमानत के लिए माननीय न्यायालय में आवेदन दिया गया, जहां 21 दिन बाद मुकेश ठाकुर की जमानत हो गई। रामजी के परिजनों ने मुकेश से रामजी को भी छुड़वाने की बात की।

जिस पर करीब दो माह पहले विवाद हो गया और मुकेश ठाकुर ने रामजी की हत्या की धमकी दी थी। मृतक की पत्नी राधाबाई ने बताया कि उसका पति करीब डेढ़ साल से जेल में है और विगत 17 अप्रेल को पेशी पर आया था। उस समय उसकी हालत ठीक लग रही थी। इसी बीच आज सुबह 8 बजे पुलिस ने घर पर आकर रामजी की मौत की सूचना दी। मृतक के पिता दशरथ गड़ारी ने जेल प्रबंधन पर रामजी की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से पूरे मामले की जांच की मांग की है।