पाक में हिम्मत नहीं भारत से मुकाबला करने की पीठ पर करता है वार-नरेंद्र मोदी

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लंदन। पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत उन लोगों को बर्दाश्त नहीं करेगा जो आतंकवाद का आयात करते हैं। 2016 की एलओसी के पार सर्जिकल स्ट्राइक का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत उन्हें कड़ा जवाब देगा।

बुधवार को लंदन के वेस्टमिंस्टर के सेंट्रल हॉल में “भारत की बात सबके साथ” कार्यक्रम में सैकड़ों भारतीयों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक पर कहा कि भारत को पता है कि उन लोगों को सबक कैसे सिखाना है जो आतंकवाद का आयात करते हैं और भारतीयों की हत्या करते हैं।

उन्होंने कहा-“आतंक के आयात की फैक्ट्री खोल रखी है। और हमारी पीठ पर वार करने की फिराक में रहते हैं। लेकिन मोदी को पता है कि ऐसे लोगों को उन्हीं की भाषा में कैसे जवाब देना है।”
दर्शकों में से बोलने में असमर्थ के एक दर्शक के सर्जिकल स्ट्राइक पर पूछे सवाल के जवाब में मोदी ने कहा-“जिन लोगों को आतंक का आयात पसंद है, मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि भारत बदल गया है और उनकी हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम शांति में विश्वास रखते हैं। आतंकवाद को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।”

कार्यक्रम के एंकर और सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी के सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि रेलवे स्टेशन पर उनकी जिंदगी उनका निजी संघर्ष था। लेकिन इस शाही महल में जो व्यक्ति उनके सामने है वह 125 करोड़ भारतीयों का सेवक है।

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ब्रिटेन में बसे भारतीयों के चुनिंदा सवालों का जवाब देते हुए उन्होने कहा कि रेलवे स्टेशन उनके जीवन का खास हिस्सा है। जीवन के इसी संघर्ष ने मुझे एक आम आदमी से भारत का प्रधानमंत्री बना दिया है। लोकतंत्र में जनता भगवान के समान है। और अगर वह चाहते हैं तो एक चाय बेचने वाला भी उनका प्रतिनिधि बन सकता है और शाही महल में हैंड शेक कर सकता है।

उन्होंने कहा कि सतही बदलाव से कुछ नहीं होगा। वक्त की मांग है कि विकास को जनांदोलन बनाया जाए। उन्होंने कहा-“मैं भी आपकी तरह आम इंसान हूं। मुझसे गलतियां हो सकती है। लेकिन मैं इरादे से गलत नहीं हूं।”

इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार की सुबह ब्रिटिश पीएम टेरीजा मे से उनके सरकारी आवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट में ब्रेकफास्ट पर मुलाकात की। मे ने गर्मजोशी के साथ मोदी से हाथ मिलाते हुए कहा-“लंदन में आपका बहुत स्वागत है प्रधानमंत्री।”

मुलाकात के बाद मोदी ने ट्वीट करके बताया कि प्रधानमंत्री मे के साथ उनकी कई मुद्दों पर लाभकारी बातचीत हुई है। उन्हें भरोसा है कि इस मुलाकात से हमारे संबंधों में नई ऊर्जा आएगी। वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि दोनों नेताओं ने ब्रेक्जिट के बाद के हालात पर चर्चा करते हुए द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊर्जा भरने और उसे पुनर्परिभाषित करने पर गहन चर्चा की। ब्रेक्जिट का अर्थ है 23 जून, 2016 को ब्रिटेन का 28 देशों के यूरोपीय संघ को छोड़ने का जनमत संग्रह करना।

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मोदी और टेरीजा मे की बैठक के बाद 10, डाउनिंग स्ट्रीट की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सीरिया पर हवाई हमले, आतंकवाद पर कार्रवाई, कट्टरपंथ और ऑनलाइन कट्टरवाद पर दोनों नेताओं ने प्रमुखता से चर्चा की है।

डाउनिग स्ट्रीट के प्रवक्ता के अनुसार पीएम मोदी ने कहा कि ब्रेक्जिट के बाद भारत के लिए ब्रिटेन के प्रति महत्व में कोई कमी नहीं आएगी। वैश्विक बाजार के संदर्भ में लंदन भारत के बहुत महत्व रखता है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री मे ने मोदी को ईयू से अलग होने के कार्य में प्रगति पर जानकारी दी। मार्च में इसके अमल पर सहमति से भारतीय कंपनियों और निवेशकों की पहुंच ब्रिटिश बाजार में मौजूदा शर्तों पर ही होगी। और यह वर्ष 2020 के अंत तक जारी रहेगी।

सर्जिकल स्ट्राइक पर हुए सवाल का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश की सुरक्षा, एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए भारतीय सेना हमेशा तैयार है। हम अपने देश की सुरक्षा के लिए दुसरों की धरती पर जाकर आतंकियों का सफाया किया।

डाउनिंग स्ट्रीट के जारी बयान के अनुसार ब्रिटिश पीएम के वर्ष 2016 में भारत दौरे के बाद दोनों देशों के द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा सहयोग में प्रगति हुई है। रक्षा के प्रमुख सामरिक क्षेत्रों में साझेदारी को लेकर कई समझौते हुए हैं।

मे और मोदी ने ब्रिटेन और भारत की नई टेक साझेदारी पर भी चर्चा की। इससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं में निवेश बढ़ने के साथ ही हजारों नौकरियां मिलेंगी। दोनों देश संयुक्त व्यापार समीक्षा भी करेंगे ताकि व्यापार की रुकावटों को दूर किया जा सके।

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प्रर्त्यपण समेत दोनों देशों के कानूनी मुद्दों पर चर्चा के दौरान टेरीजा मे ने पायरेसी के आरोप में भारतीय जेलों में बंद पूर्व ब्रिटिश सैनिकों की पिछले साल रिहाई का स्वागत किया। टरीजा मे ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि हम लोग भारत और ब्रिटेन के लोगों के हितों के लिए साथ मिलकर काम कर सकेंगे।”

भारतीयों ने गर्मजोशी से पीएम का किया स्वागत-

इससे पहले, 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर पीएम मोदी का इंतजार कर रहे सैकड़ों भारतीय समर्थकों ने मोदी-मोदी के नारे लगाए। साड़ी पहनी भारतीय महिलाओं ने ढोल की थाप पर “फ्लैश मॉब” डांस किया। समर्थकों ने “इन इंडिया पीस इज आलवेज इन फैशन” के बैनर ले रखे थे। हालांकि लंदन में ही कठुआ कांड और अल्पसंख्यकों पर हमले को लेकर पीएम मोदी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन भी हुए।

तीन देशों की पांच दिवसीय यात्रा पर निकले पीएम नरेंद्र मोदी मंगलवार को ब्रिटेन पहुंचे थे। हीथ्रो एयरपोर्ट पर ब्रिटेन के विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन ने उनका स्वागत किया। वह यहां गुरुवार को राष्ट्रमंडल देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में भी हिस्सा लेंगे। ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ एक कार्यक्रम में अपने बकिंघम पैलेस में पीएम मोदी को सम्मानित करेंगी।

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