प्रतिभा के अपमान से पिछड़ जाएगा देश : गोपाल भार्गव

भोपाल। पहले एक चौथाई अधिकारी-कर्मचारी हमारी समाज के थे लेकिन अब 10 प्रतिशत भी नहीं हैं, ऐसा इसलिए हो रहा है कि पहले नीति का कार्य था, अब अनीति का कार्य हो रहा है। यदि योग्यता को दरकिनार करके अयोग्य लोगों का चयन किया जाएगा, 90 प्रतिशत वाले को बैठा दिया जाएगा और 40 प्रतिशत वाले को नियुक्ति दी जाएगी, जब 90 प्रतिशत वाले पर 40 प्रतिशत वाले को थोपा दिया जाएगा तो देश भी पिछड़ जाएगा। प्रतिभा का अपमान हो रहा है।

यह बात पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने सदर मंदिर परिसर में आयोजित विप्र समागम में कही। कार्यक्रम में करीब 8-10 हजार लोग मौजूद थे। भार्गव ने कहा कि यह आवाज हम देशभर में उठाएंगे और अपनी संख्या, ताकत का एहसास सत्ताधीशों को कराएंगे। लोग कहते हैं कि हम इतनी संख्या में हैं, बोलो क्या दोगे लेकिन ब्राह्मण वर्ग ने कभी इस तरह की ओछी बात नहीं की।

आरक्षित वर्ग को लाभ पहुंचाने के लिए है आरक्षण : शंकराचार्य

समागम में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने भी आरक्षण व्यवस्था पर कहा कि आरक्षण आरक्षित वर्ग को लाभ पहुंचाने के लिए है। जब तक शासन के ऊपर धर्म साक्षेप अंकुश नहीं लगेगा, यह व्यवस्था नहीं बदलेगी। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण को यदि परशुराम बनना है तो उसे संगठित होने की आवश्यकता है। समागम में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, लोकसेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष विनयशंकर दुबे, पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर, स्वामी अखिलेश्वरानंद, राजेश्वरानंद सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

अर्थ का अनर्थ न लगाएं, मैंने आरक्षण शब्द का उल्लेख तक नहीं किया: भार्गव

उधर, भार्गव ने उनके वक्तव्य पर विवाद की खबर सोशल मीडिया से लगने पर स्थिति साफ करते हुए कहाकि मेरी बात को तोड़मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है। संविधान प्रदत्त आरक्षण व्यवस्था का समथक हूं। मैंने अपने वक्तव्य में कहीं आरक्षण शब्द का न तो उपयोग किया और न ही उल्लेख। अर्थ का अनर्थ न लगाएं। अपने 40 साल के राजनीतिक जीवन में सैंकड़ों आरक्षित वर्ग के युवाओं को नौकरी दिलाई।

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