CWG: देश ही नहीं दुनिया में चमके 2 खिलाड़ी, एक बनी गोल्डन गर्ल, दूसरे ने तोड़ा बिंद्रा का रिकॉर्ड

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डेस्क: आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ खेलों में भारत के खिलाडिय़ों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में दस दिनों के भीतर 66 मेडल झटके हैं। जिसमें से 26 गोल्ड, 20 सिल्वर व 20 ब्रांज मेडल शामिल हैं। खास बात यह है कि भारत को मिले 66 मेडल में से एक तिहाई यानि 22 मेडल हरियाणा के होनहार खिलाडिय़ों ने जीते हैं, जिसमें 9 गोल्ड, 6 सिल्वर व 7 ब्रांज मेडल शामिल हैं। इससे भी खास बात यह है कि हरियाणा के दो खिलाड़ी ऐसे हैं, जिनकी कामयाबी ने सभी को आश्चर्य में डाला हुआ है। इन दोनों खिलाडिय़ों ने बेहद कम उम्र में ही सोने पर धाक जमाई है और दोनों ही शूटिंग स्पर्धा के खिलाड़ी हैं।


हरियाणा के 2 सबसे कम उम्र गोल्ड मेडलिस्ट
ये दोनों खिलाड़ी गोल्डन गर्ल मनु भाकर व गोल्डन वॉय अनीश भनवाला हैं। जहां मनु भाकर ने कॉमनवेल्थ खेलों में चौथे दिन ही 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग स्पर्धा में सोना जीता, वहीं अनीश भनवाला ने नौंवे दिन रैपिड फॉयर पिस्टल शूटिंग में गोल्ड जीता है।

इस तरह बनी गोल्डन गर्ल
मनु ने इस प्रतियोगिता के फाइनल में कुल 240.9 अंक हासिल किए। मनु जूनियर वल्र्ड शूटिंग चैंपियनशिप में लगातार 6 गोल्ड मेडल जीत चुकी है। इससे पहले मेक्सिको के रिजवी सिटी में चलें शूटिंग वल्र्ड चैंपियनशिप में भी दो स्वर्ण पदक हासिल किए थे। करीब दो साल से निशानेबाजी सीख रही मनु ने बहुत कम समय में कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। और इन्हीं वजहों से मनु को कॉमनवेल्थ खेलों में स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, जो कि मनु ने कर दिखाया और गोल्डन गर्ल बनी है। साल 2017 में मनु ने नेशनल गेम्स में 9 गोल्ड सहित कुल 15 पदक हासिल किए थे।

बेटी के लिए पिता ने छोड़ी इंजीनियर की नौकरी 
मनु के पिता राम किशन जो कि पेशे से मरीन इंजीनियर थे उन्होंने मनु के करियर के लिए नौकरी छोड़ दी। क्योंकि मनु के नाबालिग होने की वजह से उसे प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने पहुंचने के लिए गन साथ ले जाने की समस्या थीइसलिए मनु के पिता ने उसके साथ हर प्रतियोगिता में साथ ही जाते हैं। उनका कहना है कि मनु ने जिस भी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है, वहां से वह कभी खाली हाथ नहीं लौटी है।

मां की कमाई से चल रहा घर का खर्चा
मनु की मां पेशे से टीचर हैं, जिनकी कमाई से उनके घर की आजीविका चल रही है, वहीं उनका एक भाई है जो आईटीआई की तैयारी कर रहा है। मनु झज्जर के गांव गोरिया की रहने वाली है। हांलाकि हरियाणा सरकार ने प्रदेश के खिलाडिय़ों की शानदार सफलता के बाद करोड़ों रुपए के इनामों की घोषणा की है, जिससे मनु के परिवार की आर्थिक स्थिति सुधर सकती है।

अभिनव बिंद्रा का रिकार्ड तोडऩे वाला विश्व का सबसे युवा गोल्ड मेडलिस्ट
अनीश की कामयाबी की बात करें तो उसने भी 21वें कॉमनवेल्थ खेलों में 25 मीटर की रैपिड फॉयर पिस्टल शूटिंग स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता है। अनीश मात्र 15 साल की उम्र में स्वर्ण पदक जीतकर दुनिया के सबसे युवा गोल्ड मेडलिस्ट बन गए हैं। अनीश ने कॉमनवेल्थ खेलों में पहली बार हिस्सा लिया और फाईनल में 30 अंक हासिल करते हुए इतिहास रच दिया।

अनीश ने निशानेबाज अभिनव बिंद्रा का रिकार्ड तोड़ा
अनीश की इस जीत से दो विश्व रिकार्ड टूट गए, पहला ये कि साल 2014 में ग्लास्गो सिटी में आयोजित कॉमनवेल्थ खेलों में आस्ट्रेलिया के खिलाड़ी डेविड चॉपमैन का रिकार्ड तोड़ा, वहीं दूसरा रिकार्ड निशानेबाज अभिनव बिंद्रा का रिकार्ड तोड़ा है। अभिनव बिंद्रा साल 1998 में सबसे कम उम्र 15 साल के कॉमनवेल्थ खेलों में सबसे युवा खिलाड़ी रहे हैं। अब अनीश ने 15 साल उम्र में ही गोल्ड मेडल जीतकर नया आयाम हासिल किया है। साल 2017 में 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में अनीश का नाम उभर कर सामने आया। अनीश भनवाल ने आईएसएसएफ जूनियर वल्र्डकप और आईएसएसफ जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीते हैं।

अभी देनी है एक और परीक्षा
अनीश का का जन्म साल 2002 के सितंबर माह 26 तारीख को सोनीपत जिले के कसांदी गांव में हुआ। अनीश को अभी सीबीएससी बोर्ड से दसवीं का पेपर देना है। जो कि 16, 17 व 18 अप्रैल को है। बोर्ड परीक्षाओं के चलते अनीश को जूनियर वल्र्ड कप में भाग नहीं ले सका, लेकिन कॉमनवेल्थ खेल एक बड़ी चुनौती थी, जिसके लिए अनीश ने सीबीएसई से निवेदन किया कि उनकी परीक्षाएं बाद में ली जाएं। अनीश के करियर को देखते हुए सीबीएसई ने भी अनुमति दे दी। बोर्ड ने भी अनीश के कैरियर को देखते हुए उन्हें यह अनुमति दे दी। अब कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर वापस लौटे अनीश को बोर्ड की परीक्षाएं देनी हैं।

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