तनाव और डिप्रेशन से छात्रों को बचाने निजी विवि में काउंसलर्स अनिवार्य

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भोपाल। मध्यप्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में तनाव और डिप्रेशन से छात्रों को बचाने के लिए काउंसलर्स रखे जाएंगे। इसी शिक्षण सत्र से यह व्यवस्था सभी दो दर्जन निजी विश्वविद्यालयों में लागू कर दी जाएगी। गौरतलब है कि लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तनाव की वजह से कई छात्र आत्मघाती कदम उठा लेते हैं।

निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग काउंसलर्स रखे जाने के संबंध में सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश जारी कर रहा है। विश्वविद्यालयों में अब तक इसकी अनिवार्यता नहीं थी, लेकिन अब सभी विश्वविद्यालयों में यह अनिवार्य रूप से रखे जाएंगे। वे मनोवैज्ञानिक तरीके से छात्रों की समस्याओं को दूर करेंगे।

आयोग के अधिकारियों ने बताया कि विवि चाहें तो पूर्णकालिक अथवा अंशकालिक काउंसलर रख सकते हैं। काउंलर छात्रों की कॅरियर से संबंधित काउंसलिंग तो करेंगे ही, जरूरत पड़ने पर व्यक्तिगत समस्याओं को दूर करेंगे। कई बार छात्र अपनी समस्या किसी को बता नहीं पाते। इस वजह से वे अवसादग्रस्त हो जाते हैं। काउंसलर्स होने से वे निजी तौर पर भी उनसे सलाह ले सकते हैं।

सभी विवि में रखे जाएंगे

लगातार प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। इस कारण छात्र तनाव में आ जाते हैं। पारिवारिक कारणों की वजह से भी कई बार उन्हें परेशानी होती है। आमतौर पर छात्र अपनी व्यक्तिगत समस्याओं को किसी से शेयर नहीं कर पाते। इस कारण सभी निजी विवि में काउंसलर्स रखे जा जाएंगे। ये मनोवैज्ञानिक ढंग से उनकी समस्याओं को दूर करेंगे। सभी विश्वविद्यालयों के लिए इसे अनिवार्य किया जा रहा है।

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