पासवर्ड के बिना लॉगिन? जानिए इंटरनेट के सबसे बड़े बदलाव के बारे में

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नई दिल्ली। इंटरनेट फ्रॉड के मामले में लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में पासवर्ड मैनेज करना मुश्किल के साथ ही बेहद जरूरी भी हो गया है। लगता है कि अब इस समस्या का हल मिल गया है।

W3C वेब ने एक एपीआई तैयार किया है जो कि पासवर्ड की झंझट से छुटकारा दिला देगा और साथ ही यह हैसल फ्री ऑथेंटिकेशन का वादा भी करता है।

W3C के सीईओ जेफ जैफे के मुताबिक, WebAuthn लोगों की वेब ब्राउजर तक पहुंच को और आसान बना देगा। W3C World Wide Web Consortium, एक संस्‍था है जो पूरी दुनिया में (WWW) वर्ल्‍ड वाइड वेब डोमेन एड्रेस सिस्‍टम को चलाती है।

बकौल जेफ, समाज को दिए गए काफी सारे योगदानों के साख ही सुरक्षा की समस्या वेब पर काफी समय से रही है। जैसा कि वेब पर काफी सारी समस्याएं हैं और हम सभी को दुरुस्त नहीं कर सकते हैं। पासवर्ड पर भरोसा करना सबसे कमजोर लिंक में से एक है। WebAuthn के मल्टी फैक्टर सॉल्यूशन्स के जरिए हम इस कमजोर लिंक की समस्या को समाप्त कर रहे हैं।

पासवर्ड याद रखने से मिलेगी निजात, फिशिंग अटैक से भी बच सकेंगे आप: भविष्य में क्रोम, फायरफॉक्स और एज जैसे लोकप्रिय ब्राउजर इस नए वेब ऑथेंटिकेशन एपीआई को सपोर्ट करेंगे। यह फिशिंग जैसी जालसाजी से बचाने के साथ ही पासवर्ड की आवश्यकता को भी काफी हद तक खत्म कर देता है। WebAuthn साइट पर साइन अप करने का सरल और आसान तरीका लाने का दावा करता है। बजाए इसके कि हर बार आप स्टैंडर्ड यूजर नेम और पासवर्ड ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें।

इस नए एपीआई के साथ, उपयोगकर्ता अपने बायोमेट्रिक्स का उपयोग कर पंजीकरण कर पाएगा जैसे कि फिंगरप्रिंट, चेहरे की पहचान और रेटिना स्कैनिंग (आईआरआईएस)। ये वो सारी डिटेल हैं जो कि यूजर के स्मार्टफोन पर स्टोर होती हैं। ये नया ऑथेंटिकेशन सिस्टम पब्लिक-की क्रिप्टोग्राफी पर निर्भर है और हर साइट को सुरक्षित बनाता है। इसमें एक सेफ टोकन प्रोसेस से लॉगइन किया जा सकेगा। ये बार बार एक ही पासवर्ड की झंझट को खत्म कर देगा।

कैसे काम करेगा ये नया सिस्टम: आने वाले महीनों में जब एपीआई लाइव होगा, जो भी यूजर किसी भी साइट पर साइन इन करेंगे उन्हें अपने स्मार्टफोन पर एक प्रॉम्प्ट प्राप्त होगा और यूजर से रजिस्ट्रेशन के लिए कहेगा। इसके बाद यूजर को ऑथेंटिकेशन गेस्चर की जरूरत होगी, जैसे कि बायोमेट्रिक इंप्रेशन। यह कोई पिन या फिंगरप्रिंट हो सकता है तो कि अकाउंट से लिंक होगा। इसके बाद यूजर को ऑथेंटिकेशन के लिए वही गेस्चर संबंधित साइट पर दर्ज कराना होगा। यह नया WebAuthn एपीआई आगामी क्रोम 67 और फायरफॉक्स 60 अपडेट्स के लिए डिफॉल्ट रूप से सक्रिय हो जाएगा।

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