कर्मचारी गए सामूहिक हड़ताल पर ,53 विभागों में कामकाज ठप

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जबलपुर। वेतन विंसगति दूर करने सहित 8 सूत्रीय मांगों को लेकर सभी 53 सरकारी कार्यालयों के लिपिकों के आज से दो दिन की सामूहिक हड़ताल पर चले जाने से कामकाज बुरीतरह से प्रभावित हो गया है।

मप्र लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के तत्वावधान और मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के समर्थन में सैकड़ों कर्मचारियों ने सिविक सेंटर में सुबह से धरना प्रदर्शन शुरू किया। मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ संघ के प्रांतीय महामंत्री योगेन्द्र दुबे ने बताया है कि शासन के द्वारा वेतन विसंगति के मामले में रमेशचन्द्र शर्मा कमेटी की अनुशंसा को अभी तक लागू नहीं किया गया, जिसको लेकर लिपिक वर्ग कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है।

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इसी कारण लिपिक वर्ग आंदोलन को मजबूर हुआ। हड़ताल के कारण कलेक्ट्रेट,कमिश्नर कार्यालय, तहसील कार्यालय, मेडिकल कॉलेज,उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक, पीडब्लूडी,पीएचई, कमिश्नर कार्यालय, हिरन जल संसाधन, वन विभाग सहित अन्य विभागों में कामकाज पर बुरा असर पड़ा है।

संघ के मंसूर बैग, अर्वेन्द्र राजपूत, अटल उपाध्याय, अमित नामदेव, हिमांशु शुक्ला, आशीष सक्सेना विनोद पोद्दार, केपी तिवारी, राजेश गुर्जर, आशीष सक्सेना, अमित नामदेव, नितिन श्रृंगी, विवेक भट़्ट, सुधीर खरे, दीपक राठौर, रुद्र परिहार, अनुराग चन्द्रा, सुनील सेठी, संतोष नामदेव, हिमांशु शुक्ला, चन्द्र शेखर कोष्टा, मप्र लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष मुकेश चतुर्वेदी यूएस करोसिया, दीपक श्रीवास्तव, पीके राय, प्रदीप पटेल, पुष्पराज पिल्ले,अनिरुद्घ पटेल, राजीव उपाध्याय, ब्रजेश ठाकुर समेत सैकडा़ें कर्मचारी मौजूद रहे।

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— प्रमुख मांगों पर एक नजर
– समयमान वेतनमान 2800, 3200 और 3600 रुपए किया जाए और वेतन बढ़ाया जाए।
-लेखापालों की वेतन विसंगती आदेश प्रभावशाली कर अंतर की राशि का नगद भुगतान किया जाए।
– पीडब्लूडी, पीएचई,स्वाथ्य व वन विभाग के लिपिकों को बिना परीक्षा समयमान वेतनमान दिया जाए।

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