इस वजह से जापान में सभी के मोबाइल होते हैं वॉटरप्रूफ

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टोक्यो। वॉटरप्रूफ मोबाइल का चलन भले ही यहां नहीं हो लेकिन जापान में एक दशक से लोग वॉटरप्रूफ मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं। जापान में इन वॉटरप्रूफ फोन का चलन महिलाओं की एक आदत के कारण है। जापानी महिलाएं अपने फोन से इतना अटैच होती है कि शॉवर लेने भी जाती है तो साथ ले जाती है। इसके कारण निर्माताओं को बाजार में वॉटरप्रूफ फोन बनाने पड़ते हैं। इस वजह से लगभग हर फोन जापानी मार्केट में वॉटरप्रूफ होते हैं ताकि उनकी जरूरत को पूरा कर सकें।

यहां तक कि कोरियन का एलजी जिसने कभी ग्लोबल मार्केट के लिए न तो वॉटरप्रूफ फोन प्लान किया न बनाया, अब जापान में कर रहा है। इसलिए कंपनी ने अपना खूब प्रमोट किया मॉड्यूलर जी5 फोन जापान में पेश नहीं किया क्योंकि आपके पास रिमूवेवल पार्ट्स के साथ सील्ड डिवाइस नहीं है। एलजी के ग्लोबल कम्युनिकेशन डायरेक्ट केन हॉन्ग का कहना है कि जापान में वॉटरप्रूफ होना फोन की बैटरी को रिमूव करने से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

ऐसे शुरू हुआ वॉटरप्रूफ फीचर फोन

पहला वॉटरप्रूफ फीचर फोन साल 2005 का कैसियो कैनु 502एस है जो कि G’zOne के नाम से पहचाना जाता है। बाद में, मोटोरोला ने अपने एंड्रॉइड आधारिक Defy को 2010 में लॉन्च किया था। 2014 में सैमसंग गैलेक्सी एस5 हाई-एंड वॉटरप्रूफ डिवाइस लाया। सैमसंग के नोट7 को भी वॉटरप्रूफ लाइनअप में नाम दर्ज किया। ऐपल का भी आईफोन 7 वॉटरप्रूफ रहा।

जापान में पुरुषों की तुलना में महिलाएं ज्यादा फोन इस्तेमाल करती हैं और कंपनियां इस जरूरत को चाह कर भी नजरअंदाज नहीं कर सकती है।

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