मीडिया के सामने DGP ने आरोपी विधायक को कहा माननीय, अभी गिरफ्तारी नहीं

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लखनऊ। उन्नाव रेप केस में भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद डीजीपी ओपी सिंह और प्रमुख सिचव अरविंद कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ किया कि विधायक के खिलाफ केस दर्ज होने के बावजूद पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं करेगी और विधायक की गिरफ्तारी का फैसला सीबीआई के हाथों में है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीजीपी ने अपनी बात कहते हुए विधायक को माननीय कहते हुए संबोधित कर दिया लेकिन जब पत्रकारों ने इस पर सवाल पूछे तो उन्होंने इसके जवाब में कहा कि किसी विधायक को माननीय कहने में क्या गलत है। अभी तक उन पर आरोप ही लगे हैं दोष सिद्ध नहीं हुआ है।

गुरुवार को लाल बहादुर शास्त्री भवन (एनेक्सी) के मीडिया सेंटर में प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार के साथ पुलिस महानिदेशक ने पत्रकारों को संबोधित किया। प्रमुख सचिव गृह ने कहा कि उन्नाव गैंगरेप मामले में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का पक्ष भी जाना जाएगा।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस विधायक को गिरफ्तार नहीं करेगी। जब तक सीबीआई टेक ओवर नही करती तब तक पुलिस अपनी कार्रवाई जारी रखेगी। उन्नाव के इस केस में भाजपा विधायक की भूमिका पर एसआईटी गठित की गई। अब सीबीआई अपना काम करेगी और गुण दोष के तहत विधायक के खिलाफ वो कार्रवाई करेगी। शासन की किसी भी दोषी को बचाने की कोई मंशा नहीं है।

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ओपी सिंह तथा अरविंद कुमार ने कहा कि कोर्ट के बयान में पीडि़ता के किसी भी मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का नाम न लेने के कारण प्रदेश पुलिस उनकी गिरफ्तारी नहीं करेगी।

प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने कहा कि उन्नाव के इस केस की एसआईटी की जांच में जो अधिकारी दोषी मिले उनके खिलाफ कार्रवाई की गई और आगे भी जो जांच में दोषी होगा उस अधिकारी व कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएंगी। इसके साथ ही उस पीडि़त के परिवार को सुरक्षा दी जा रही है ताकि बिना किसी भय के वो अपनी बात रख सके।

अरविंद कुमार ने बताया कि उन्नाव में पीड़िता के पिता का उपचार जो किया गया उस पर भी जांच हुई। पता चला कि चिकित्सी परीक्षण नही हुआ, जेल दाखिले से पहले और बाद मृतक को उपचार करने की जगह जेल भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि तीन अप्रैल की जो घटना है जिसमें पिता के साथ मारपीट हुई और उनकी मौत हुई। इसमें कारगर स्तर पर लापरवाही और शामिल होने के आरोप लगे थे जिसमें डीएम उन्नाव व डीआईजी जेल ने जांच की थी।

उन्नाव गैंगरेप मामले में एक प्रेस नोट रात में रिलीज किया गया। एक एसआईटी गठित की गई थी, उन्नाव में अधिकारियों ने कल भ्रमण किया, वह पीडि़त पक्ष और विधायक के कुछ कारिंबियो के बयान दर्ज किया गया था। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने कहा कि इससे पहले 11 जून 2017 को पीडि़ता के गायब होने की सूचना मिली थी।

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डीजीपी ने कुलदीप सेंगर को कहा-माननीय विधायक

उन्नाव गैंग रेप के मामले में मीडिया को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने इस प्रकरण में दोषी माने जा रहे बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को माननीय विधायक कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि माननीय विधायक के ऊपर जो आरोप है उसकी जांच सीबीआई को दी गई है। अब तो सीबीआई गुण दोष के आधार पर काम करेगी। हमने इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर विवेचना को सीबीआई को भेजा गया है।

आज भारत सरकार को पूरी रिपोर्ट भेजेंगे। जब मीडिया ने डीजी पुलिस ओपी सिंह से कहा कि आप कुलदीप सिंह सेंगर को माननीय कहकर संबोधित किया तो उन्होंने कहा कि उन्नाव गैंगरेप मामले में फिलहाल माननीय कुलदीप सिंह सेंगर के ऊपर आरोप लगा है। अभी वह दोषी तो नहीं हैं, हम उनको अभी अपराधी तो कह नहीं सकते हैं।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने बीते मंगलवार को इस प्रकरण पर 24 घंटे के भीतर एसआईटी की रिपोर्ट तलब की थी। अब जेल में पीडि़ता के पिता की हत्या की जांच भी सीबीआइ करेगी। राज्य सरकार के इस फैसले के बाद पुलिस ने देर रात विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले में लापरवाही बरतने के लिए एक पुलिस क्षेत्रधिकारी व दो डाक्टरों को भी निलंबित कर दिया गया है।

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इससे पहले पूरे मामले की जांच के लिए उन्नाव गई एसआईटी की टीम ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय में दी थी। सरकार ने कार्रवाई का फैसला एसआईटी के साथ ही डीआईजी जेल और डीएम उन्नाव की अलग-अलग जांच रिपोर्ट के आधार पर देर रात किया। इसके बाद पीडि़त परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। राज्य सरकार ने उन्नाव के भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म सहित अन्य संगीन आरोपों की जांच सीबीआई से कराने का फैसला किया है।

पीड़िता के पिता की हत्या की जांच भी सीबीआइ करेगी। राज्य सरकार के इस फैसले के बाद पुलिस ने देर रात विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। राज्य सरकार की ओर से देर रात बताया गया कि पूरे मामले की सीबीआई जांच करेगी। इसमें पीड़िता के दुष्कर्म के आरोप और उसके पिता की हत्या शामिल है।

लापरवाही बरतने के आरोप में सीओ शफीपुर कुंवर बहादुर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। पीड़िता के पिता के उपचार में लापरवाही पर सीएमएस डॉ. डीके द्विवेदी व ईएमओ डॉ. प्रशांत उपाध्याय को भी निलंबित किया गया है। डॉ. मनोज, डॉ. जीपी सचान और डॉ. गौरव अग्रवाल के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैैं।

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