सर्वे से चिंतित नहीं BJP कई चेहरे बदल कर फिर सरकार बनाने की रणनीति

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भोपाल। कांग्रेस के पक्ष में आ रहे तमाम सर्वे से भारतीय जनता पार्टी चिंतित नहीं है। पार्टी नेताओं का दावा है कि अभी चुनाव में छह महीने से ज्यादा का वक्त बचा है। जिन सर्वे रिपोर्ट को देखकर कांग्रेस खुश हो रही है, पार्टी उन कमजारियों को ठीक कर लेगी। भाजपा नेताओं का दावा है कि जिन क्षेत्रों में पार्टी को कमजोर आंका जा रहा है, उसकी वजह स्थानीय विधायक के प्रति लोगों में नाराजगी है। पार्टी ऐसे कमजोर विधायकों को बदलकर फिर सरकार बनाने में कामयाब होगी।

ओपिनियन पोल और सर्वे में कांगेस आगे

सूत्रों के मुताबिक इन दिनों कुछ न्यूज चैनल और अन्य संस्थाओं द्वारा ओपिनियन पोल और सर्वे किए जा रहे हैं। इनमें सभी में कांग्रेस को आगे बताया जा रहा है। भाजपा ने इसे गंभीरता से तो लिया लेकिन पार्टी इससे चिंतित नहीं है। पार्टी नेताओं का मानना है कि ये सभी सर्वे आज के हालात में किए गए हैं लेकिन चुनाव के दौरान हालात बदल जाएंगे। उनका मानना है कि इनमें भी भाजपा को 100 से ज्यादा सीटें मिल रही हैं। इसका सीधा सा मतलब है कि भाजपा जब कमजोर चेहरों को बदलकर चुनाव में उतारेगी तो उसे सरकार बनाने से कोई रोक नहीं सकता है।

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भाजपा बदलेगी चेहरे

भाजपा के दिग्गज नेताओं का मानना है कि ये तो हमें भी मालूम है कि हमारे विधायक जहां क्षेत्र में समय नहीं दे पाए या लोगों के सुख-दुख से दूर रहे, उनकी हालत पतली है और वे चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं हैं। जब पार्टी ऐसे विधानसभा क्षेत्रों में नए प्रत्याशियों को उतारेगी तो न सिर्फ लोगों की नाराजगी दूर होगी बल्कि एंटी इनकमबेंसी जैसी स्थितियां भी स्वत: खत्म हो जाएंगी।

कई विधायकों के कटेंगे टिकट

भाजपा इस बार भी वही तरीका अपनाएगी जो उसने 2008 और 2013 में अपनाया था। इन दोनों चुनाव में पार्टी ने 70 के लगभग नए प्रत्याशी उतारे थे। इस बार भी पार्टी के अभी तक के सर्वे और खुफिया रिपोर्ट में 80 के लगभग विधायकों को हारने वालों की श्रेणी में रखा गया है। पार्टी नेताओं का दावा है कि ऐसे सभी कमजोर प्रत्याशियों को पार्टी बदल देगी। उन हालात में भीतरघात या बागी जैसे हालात न बने, इसके लिए भी पार्टी ने बी प्लान बनाया हुआ है। जिसमें टिकट कटने वालों की नाराजगी दूर करने के लिए सबसे पहला काम ये किया जाएगा कि उनके ही किसी परिजन को टिकट दे दिया जाए अथवा उनकी सहमति से प्रत्याशी चयन किया जाएगा। गौरतलब है कि अभी की रिपोर्ट में कांग्रेस को 119 सीटों के आसपास अताया जा रहा है।

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प्रदेशाध्यक्ष का इंतजार

भाजपा के सूत्रों का कहना है कि पार्टी अभी नए प्रदेशाध्यक्ष की घोषणा का इंतजार कर रही है। पार्टी नेताओं को इंतजार है कि चुनाव का नेतृत्व कौन करेगा। इन स्थितियों के स्पष्ट होते ही भाजपा चुनावी मूड में मैदान में उतरेगी।

इनका कहना है

सभी मोर्चों पर नजर रखी हुई है। हमारा फीडबैक सिस्टम काम कर रहा है। बेहतर चुनाव प्रबंधन की तैयारी के साथ हम जल्द ही जनता के बीच होंगे। पार्टी जनअपेक्षाओं के बीच खरी उतरेगी – डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे, प्रदेश प्रभारी महासचिव भाजपा

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