SC/ST एक्ट के खिलाफ प्रदर्शन दौरान कई राज्यों में हिंसा, सरकार ने SC में दायर की याचिका

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नई दिल्ली। एससी/एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ दलित संगठनों का भारत बंद हिंसक हो गया है। कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों द्वारा तोड़फोड़ और आगजनी की खबरें आ रही हैं। वैसे तो इस बंद को देखते हुए राज्यों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं लेकिन यह नाकाफी साबित होते दिख रहे हैं। सोमवार सुबह से ही प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और ट्रेने रोक दीं। दलितों के इस प्रदर्शन को राजनीतिक दलों का समर्थन मिल गया है।

इस बीच केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर कर दी है। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री रवि शंखर प्रसाद ने कहा है कि हम सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से सहमत नहीं है और हमने इसे लेकर पुनर्विचार याचिका दायर की है।

मेरठ, बाड़मेर,ग्वालियर में हिंसा

देश के कई राज्यों में यह बंद हिंसक होने लगा है और मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान के बाड़मेर, यूपी के मथुरा और हापुड़, झारखंड और बिहार के कई शहरों में हिंसा हुई है। मेरठ में तो प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों में तोड़फोड़ करने के साथ वाहनों और पुलिस थाने में आग लगा दी है। वहीं बाड़मेर में भी लोगों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। मध्य प्रदेश में भी प्रदर्शन के दौरान हिंसा में 1 शख्स की मौत होने की सूचना है। यूपी के हापुड़ में भी कई वाहनों को आग लगा दी गई है और आग बुझाने पहुंची दमकल की टीम पर पथराव हुआ है।

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गुजरात के भी कई शहरों में तोड़फोड़ और आगजनी की खबरें आ रही हैं।

खबरों के अनुसार यूपी, बिहार के अलावा ओडिशा, पंजाब, राजास्थान समेत कई राज्यों में दलित समुदाय के लोग सड़कों पर उतरे और ट्रेनें रोकने के अलावा सड़कें भी जाम कर दीं। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायरों में भी आग लगा दी और नारेबाजी करने लगे।

उत्तर बिहार में बंद के दौरान कई ट्रेनें रोकीं, पथराव और आगजनी

भारत बंद के दौरान उत्तर बिहार के कई जिलों में ट्रेनें रोकी गईं। जबरन दुकानें बंद कराई गईं। सड़क पर आगजनी और जाम लगाकर प्रदर्शन किया जा रहा है। पथराव भी किया गया।

दरभंगा शहर में बंद समर्थकों ने जबर्दस्त उत्पात मचाया। दरभंगा जंक्शन पर नई दिल्ली से आने वाली स्वतंत्रता सेनानी ट्रेन पर पथराव किया। तीन ट्रेनों को रोके हुए हैं। दरभंगा टावर स्थित फल मंडी में तोडफोड़ व उत्पात मचाया। एनएच 57 सहित प्रमुख सड़कों को जाम कर दिया है।

मधुबनी रेलवे स्टेशन पर बंद समर्थकों ने सियालदह-जयनगर गंगाएक्सप्रेस ट्रेन रोकी। जिला मुख्यालय सहित विभिन्न प्रखंड मुख्यालयों में बंद समर्थक सड़क जाम कर डटे हैं।

मोतिहारी शहर में कई जगहों पर तोडफोड़।

बेतिया में बंद समर्थक लाठी-डंडों के साथ सुबह करीब दस बजे ही सड़कों पर निकल पड़े। दुकानें बंद करा दीं। रेल परिचालन भी प्रभावित रहा। सुबह से ही ट्रेनें जहां की तहां खड़ी रहीं।

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मुजफ्फरपुर में रामदयालु व अहियापुर में सड़क जाम। टायर जलाकर प्रदर्शन। एंबुलेंस और स्कूली बस भी रोकी गई। कई जगहों पर हथियार के साथ प्रदर्शन। कांटी में बंद समर्थकों ने जबरन दुकानें बंद कराईं। एनएच 28 फोरलेन पर वाहनों का परिचालन रोका। करजा थाना क्षेत्र के बड़कागांव में मुजफ्फरपुर-देवरिया मार्ग बंद करने के दौरान एक गुट के विरोध पर झड़प।

पंजाब में सबसे ज्यादा दलित

भारत बंद के मद्देनजर पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों की सरकारों ने चौकसी कड़ी कर दी है। दलित संगठनों के विरोध का सबसे अधिक असर पंजाब में पड़ने की संभावना है। इसके चलते पंजाब मे सभी स्कूल-कॉलेज, विश्वविद्यालय व बैंक सोमवार को बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। सरकारी व प्राइवेट बस सेवा के साथ ही रात 11 बजे तक मोबाइल व डोंगल इंटरनेट सेवाएं तथा एसएमएस सेवाएं भी बंद करने के आदेश हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों के 12 हजार अतिरिक्त जवानों को फील्ड में उतारा गया है।

बंद के दौरान सोमवार को बंद के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस के साथ रिजर्व फोर्स और पैरामिलिट्री फोर्स को तैनात कर दिया है। सुरक्षा बल जिलों में लगातार फ्लैग मार्च निकाल रहे हैं। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने कहा है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी और हर कीमत पर कानून व्यवस्था बनाए रखी जाएगी। पंजाब में बंद को सत्ताधारी कांग्र्रेस के सांसदों व विधायकों ने बंद को समर्थन दिया है।

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अवशेष पहुंचाने में कोई बाधा न हो : कैप्टन

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह ने उच्च स्तरीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि इराक में मारे गए पंजाबियों के अवशेष सोमवार को अमृतसर पहुंचने की संभावना है। इनको उनके गांव तक पहुंचाने में कोई विघ्न नहीं पैदा होना चाहिए।

राजद, सपा, कांग्रेस और शरद का समर्थन : सोमवार को बुलाए गए भारत बंद को बिहार में राजद, सपा, कांग्रेस और शरद यादव का समर्थन मिला है। दलित संगठनों ने भी अनुसूचित जाति-जनजाति संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में सोमवार को आहूत भारत बंद का समर्थन किया है।

इसलिए कर रहे बंद

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि बिना जांच-पड़ताल के एससी/एसटी एक्ट के तहत न तो मुकदमा दर्ज होगा और न ही गिरफ्तारी हो सकेगी। कोर्ट के इसी फैसले का संगठन विरोध कर रहे हैं।

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