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कर्नाटक का वो गणित जिसके दम पर शाह कर रहे जीत के दावे

राजनीतिक डेस्क। कर्नाटक विधानसभा चुनाव का ​बिगुल बज गया है। बीजेपी और कांग्रेस अपनी अपनी जीत को हकीकत में बदलने के लिए हर हथकंडा अपना रहे हैं। ​एक तरफ वर्तमान सीएम सिद्धारमैया जाति कार्ड खेलकर इस चुनावी समर में एक नंबर पर चल रहे हैं, वहीं दो दिन पहले गलती से अपने ही सीएम उम्मीदवार येदुरप्पा को ‘भ्रष्ट’ बताने वाले अमित शाह ने शनिवार को एक बार फिर इस पर सफाई देते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा। अमित शाह ने दावा किया कि वे राहुल गांधी से कर्नाटक भी छीन लेंगे। लेकिन वो ऐसा किस आधार पर बोल रहे हैं। इसे भी समझने की जरूरत है।
हम आपको बता रहे है कि अमित शाह के इस दावे की जमीनी हकीकत क्या है।

कर्नाटक में वर्ष 2013 में विधानसभा चुनाव हुए थे। यहां विधानसभा की कुल सीट 224 है। अ​मित शाह का ​गणित यह होगा कि वो अपने साथ केजेपी और बीएसआरसीपी को मिला लें। जिससे उनका पलड़ा कांग्रेस के बराबर हो जाएगा। उसके बाद अपने पक्ष में झुकाने के लिए उन्हें अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ेगी।

 2013 में कर्नाटक विधासनभा की तस्वीर, कुल सीट- 224

कांग्रेस- 122 सीट, वोट शेयर- 36 फीसदी

बीजेपी- 40 सीट, वोट शेयर- 20 फीसदी

केजेपी – 6 सीट, वोट शेयर- 10 फीसदी

बीएसआरसीपी- 4 सीट, वोट शेयर-  3 फीसदी

इस आंकड़े में केजेपी और बीएसआरसीपी को मिलाकर बीजेपी का वोट शेयर 33 फीसदी बैठता है जो कि तब कांग्रेस को मिले 36 फीसदी से तीन फीसदी कम है. इस चुनाव के अगले साल ही लोकसभा में येदियुरप्पा और बीएसआरसीपी के श्रीरामुलू को बीजेपी अपने साथ ले आई।
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लोकसभा में बीजेपी थी भारी
वहीं दूसरी ओर बीजेपी की नजर वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनावों पर भी है। यहां लोकसभा की कु 28 सीटें हैं, जिसमें से बीजेपी का 17 सीटों पर कब्जा है। ऐसे में लोकसभा की स्थिति की समीक्षा करें तो बीजेपी कांग्रेस पर हर तरीके से भारी नजर आ रही है।

कर्नाटक: 2014 लोकसभा चुनाव नतीजे, कुल सीट 28

बीजेपी- 17 सीटें

कांग्रेस- 9 सीटें

जेडीएस- 2 सीटें

लोकसभा के इन आंकड़ों को अगर विधानसभा के हिसाब से देखा जाए तो तीसरी तस्वीर नरेंद्र मोदी के मिशन कर्नाटक को दिखाती है। 2014 लोकसभा के हिसाब से 132 विधानसभा सीटों पर बीजेपी+ आगे रही और कांग्रेस सिर्फ 77 विधानसभा सीटों तक सिमट गई। इसी तीसरी तस्वीर के आधार पर बीजेपी राहुल गांधी से कर्नाटक छीनने का दावा कर रही है। बता दें कि कर्नाटक में एक चरण में 12 मई को वोट डाले जाएंगे, जबकि 15 मई को वोटों की गिनती होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत ने बताया कि राज्य की सभी चुनाव वीवीपीएटी मशीन से कराए जाएंगे।

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