इस साल हनुमानजी की पूजा से कट जाएंगे सारे दुख

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धर्म डेस्क। हनुमानजी का जन्म चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मंगलवार सुबह पांच बजे हुआ था। हनुमान जन्मोत्सव इस बार 31 मार्च 2018 को शनिवार को मनाया जाएंगा। उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी सूर्य है और उसी नक्षत्र में यह पर्व मनाया जाएगा।

ज्योतिषविद के अनुसार इस विक्रम संवत के अनुसार, यह संवत विरोधीकृत है, जिसके स्वामी सूर्य और मंत्री शनि हैं। शनिवार को हनुमान जन्मोत्सव आने से पूरे वर्ष पर उनका नियंत्रण रहेगा। सूर्य के नक्षत्र में जन्मोत्सव होने से ग्रहों एवं वर्ष का राजा सूर्य होने से हनुमत पूजन करने से यह वर्ष पूर्ण से लाभदायी साबित हो सकता है।

खासतौर पर उन लोगों के लिए यह लाभकारी होगा, जिन पर शनि की साढ़े साती, शनि की ढैय्या चल रही हो या चलने वाली हो और जिनकी कुंडली में शनि खराब हो। यह पर्व वृद्धि योग में मानाया जाएगा। शनि अपनी मित्र राशि धनु में स्थित रहेंगे। मंगल भी उसी राशि में स्थित होकर हनुमान को गुरु की तरह पूजने वालों पर विशेष कृपा बनाकर रखेंगे।

शनिवार को हनुमान जयंती कई बार आई। मगर, इससे पूर्व दो अप्रैल 1988 को हनुमान जयंती शनिवार को आई थी। तब शनि धनु राशि में थे और मंगल मकर राशि में गोचर कर रहे थे। अब 30 वर्षों के बाद ऐसा योग बन रहा है, जिसमें शनिवार को हनुमान जयंती के साथ शनि धनु राशि में है। उस समय चंद्रमा हस्त नक्षत्र में थे, जिसके स्वामी स्वयं चंद्रमा थे। इस बार सूर्य के नक्षत्र में हनुमत जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

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