काम बंद हड़ताल में बरही के अधिवक्ता, जानिये क्या है मामला

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बरही/कटनी। व्यवहार न्यायालय बरही के आस-पास विवाद हुआ, तो पेशी के लिए 25 किलोमीटर दूर विजयराघवगढ़ जाना पड़ेगा। जी हाँ यह विपरीत स्थिति हाल ही में आरक्षी केंद्र बरही थाना क्षेत्र के 34 गांव के प्रकरणों की सुनवाई विजयराघवगढ़ न्यायालय में होने का संशोधित आदेश गत 20 मार्च को जिला न्यायालय द्वारा प्रसारित किए गए है, जिनमे बरही तहसील के ग्राम लुरमी के साथ ही वनगवां भी शामिल है।

आपको बता दे कि व्यवहार न्यायालय बरही ग्राम पंचायत वनगवां के आश्रित ग्राम खन्ना में आता है, ऐसी स्थित में इसे दुर्भाग्य ही कहा जाए कि जिस जमीन में न्यायालय है, यदि उस क्षेत्र में कोई घटना, दुर्घटना या विवाद होता है, तो प्रकरण विजयराघवगढ़ न्यायलय में चलेगा।

यह स्थिति सुलभ व आसानी से मिलने वाले न्याय व्यवस्था पर कुठाराघात है। इन्ही विसंगतियो को लेकर आज से बरही के सभी अधिवक्तागण लामबंद होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए, जिससे बरही न्यायालय पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।

मंगलवार को बरही के सभी अधिवक्ता लामबंद होकर नारेबाजी करने लगे। उच्च न्यायालय जबलपुर के मुख्य न्यायाधिपति व जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नाम व्यवहार न्यायधीश प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट श्री उमेश कुमार पटेल को ज्ञापन सौपकर आरक्षी केंद्र बरही थाना के विजयराघवगढ़ न्यायालय स्थानांतरित हुए 34 गांव के प्रकरणों की सुनवाई बरही न्यायलय में कराने की मांग की।

गौरतलब है कि बरही थानाक्षेत्र के ग्राम हरदुआ, इटौरा, उबरा, धावैया, जारारोडा, ग़ैरतलाई, कुटेश्वर, डोकारिया आदि गांव भले ही विजयराघवगढ़ तहसील अंतर्गत आते है, लेकिन ये सभी गांव बरही थाना व न्यायालय बरही से महज 10-15 किलोमीटर की दूरी पर है, जबकि विजयराघवगढ़ की दूरी कुटेश्वर, इटौरा, हरदुआ, उबरा गांव से 35 से 45 किलोमीटर दूर है।

ऐसे में उक्त गाँव के ग्रामीणों को सुलभ न्याय की दरकार होगी। बरही न्यायलय इन गाँव के प्रकरणों के लिए सुलभ व आसान है। इन्ही मांगो को लेकर बरही न्यायालय के अधिवक्ता आज से न्यायलयीन कार्यो से विरक्क्त होकर हड़ताल पर चले गए है।

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