हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: शिक्षण संस्थाओं से संपत्ति कर या उपकर नहीं वसूल सकता है नगर निगम

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हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक बड़ा निर्णय देते हुए शिक्षण संस्थाओं को राहत दी है. हाई कोर्ट ने एक निजी स्कूल की याचिका पर फैसला देते हुए कहा कि नगर निगम अधिनियम के प्रावधानों के मुताबिक शिक्षण संस्था से संपत्ति कर अथवा उपकर नहीं लिया जा सकता।

हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक बड़ा निर्णय देते हुए शिक्षण संस्थाओं को राहत दी है. हाई कोर्ट ने एक निजी स्कूल की याचिका पर फैसला देते हुए कहा कि नगर निगम अधिनियम के प्रावधानों के मुताबिक शिक्षण संस्था से संपत्ति कर अथवा उपकर नहीं लिया जा सकता. शिक्षण संस्था से सिर्फ समेकित कर ही नगर निगम वसूल सकता हैं. हाईकोर्ट के इस फैसले से ग्वालियर के 300 से ज्यादा निजी स्कूल और दूसरी शिक्षण संस्थाएं प्रभावित होंगी. फिलहाल एक दर्जन संस्था को इस फैसले का लाभ मिलेगा।

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एक निजी स्कूल ने नगर निगम के प्रावधानों का हवाला देते हुए हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी कि शिक्षा दी जाने वाली संस्था से नगर निगम संपत्ति कर नहीं वसूल सकता है. लेकिन नगर निगम इसका पालन नहीं कर रहा था और विभिन्न संस्थाओं पर लाखों रुपए का संपत्ति कर बकाया नगर निगम द्वारा निकाला गया था. खास बात यह है कि शिक्षण संस्थाओं में स्कूलों के अलावा निजी कॉलेज भी हाईकोर्ट के इस फैसले से संपत्ति कर के दायरे से बाहर आ जाएंगे।

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