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चारा घोटाले में लालू को अब तक की सबसे बड़ी सजा

नई दिल्ली:  बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने सुनवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल(राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को सात साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने लालू पर 30 लाख का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर सजा की अवधि बढ़ सकती है। कोर्ट ने इस मामले में समेत 19 लोगों को दोषी ठहराया था।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनाया फैसला 
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत पिछले तीन दिनों से सजा के बिंदू पर लगातार सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये फैसला सुनाया। चारा घोटाले का नियमित मामला 38 ए/96 दुमका कोषागार से तीन करोड़ 97 लाख रुपये की अवैध निकासी का है। इस मामले में लालू प्रसाद यादव और डा. जगन्नाथ मिश्र समेत 31 आरोपी थे। अदालत ने 19 मार्च को यादव समेत 19 आरोपियों को दोषी करार दिया जबकि डा.मिश्र समेत 12 को बरी कर दिया था।

लालू पर चारा घोटाले के 3 मामले

पहला मामला: चाईबासा केस में दोषी करार दिए गए। इस केस में उनको पांच साल की सजा सुनाई गई। इन पर चाईबासा कोषागार से अवैध तरीके से 37.7 करोड़ रुपए निकालने का आरोप था।

दूसरा मामला: देवघर कोषागार से जुड़े एक केस में भी दोषी हैं। इस मामले में वे साढ़े तीन साल की सजा पाने के बाद रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं। देवघर सरकारी कोषागार से 84.53 लाख रुपए की अवैध निकासी का आरोप है।

तीसरा मामलाः चारा घोटाले के चाईबासा कोषागार गबन मामले में कोर्ट ने दोषी करार दिया। उनको इस मामले में पांच साल की सजा सुनाई गई है व पांच लाख रुपए जुर्माना लगाया गया है।

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