HC से आप के 20 विधायकों को राहत, EC से दोबारा सुनवाई के लिये कहा

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नई दिल्ली। ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में दिल्ली की आप सरकार के 20 विधायकों को बड़ी राहत देते हुए चुनाव आयोग को इस मामले में फिर से सुनवाई के लिए कहा है। इन विधायकों ने चुनाव आयोग द्वारा अयोग्य ठहराने के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह फैसला दिया है।

कोर्ट के फैसले के साथ ही आम आदमी पार्टी के विधायकों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने फैसला आने के बाद ट्वीट करते हुए लिखा कि सच्चाई की जीत हुई है। हाईकोर्ट ने दिल्ली के लोगों को न्याय दिया है।

इसे भी पढ़ें-  जम्मू-कश्मीर में उरी के नजदीक रामपुर सेक्टर में गुरुवार को भारतीय सुरक्षाबलों ने बड़ी कामयाबी हासिल की. यहां पर सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को ढेर कर दिया और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किया गया. सेना के अधिकारियों का कहना है कि ये आतंकी हाल ही में पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (PoK) से भारतीय सीमा में घुसे थे. लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडेय ने कहा कि गुरुवार को हाथलंगा के जंगलों में घुसपैठ की कोशिश को सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया. मारे गए आतंकियों में से एक पाकिस्‍तानी है, बाकी के बारे में पता लगाया जा रहा है. आतंकियों के पास से पांच AK-47 राइफल, सात पिस्तौल, 5 एके 47 की मैगजीन, 24 यूबीजीएल ग्रेनेड, 38 चीनी हथगोले, सात पाकिस्तानी ग्रेनेड और 35000 पाकिस्तानी मुद्रा बरामद की गई है.

वहीं आप विधायक अल्का लांबा ने फैसले का बाद कोर्ट से बाहर आते हुए कहा कि हम फिर से विधायक हैं और सच सामने आ गया।

कोर्ट के इस फैसले के बाद अब विधायकों को फिर से चुनाव आयोग के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा।

याचिका पर जस्टिस संजीव खन्ना और चंदर शेखर की पीठ ने विधायकों, चुनाव आयोग और अन्य पार्टियों द्वारा अपनी-अपनी बहस पूरी करने के बाद 28 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

आप विधायकों ने उनका पक्ष रखे बगैर अयोग्य घोषित करने के चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल उठाया था। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि विधायकों की याचिका निराधार है और इसे खारिज कर दिया जाना चाहिए।

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ज्ञात हो कि 19 जनवरी को चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति से आप के 20 विधायकों की सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश की थी। 21 जनवरी को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी थी।

22 जनवरी को आठ पूर्व विधायकों ने याचिका दायर कर केंद्र सरकार की अधिसूचना को रद्द करने व रोक लगाने की मांग की थी।

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