अब 2 लाख तक की आभूषण खरीदी पर पैन अनिवार्य नहीं

नई दिल्ली। रत्न व आभूषण क्षेत्र को सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने शुक्रवार को उस अधिसूचना को रद्द कर दिया जिसके तहत ज्वेलरों को मनी लांड्रिंग कानून के नियमों के अनुसार ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों का रिकॉर्ड रखकर उनकी रिपोर्टिंग करनी पड़ती है।

अब दो लाख तक की ज्वेलरी खरीद के लिए पैन नंबर रखने की अनिवार्यता खत्म हो गई है। पहले 50 हजार से ज्यादा की ऐसी खरीदी पर पैन देना अनिवार्य था। इस कदम से ज्वेलरी की बिक्री में करीब 25 प्रतिशत का इजाफा हो सकता है।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि सरकार को जेम्स एंड ज्वेलरी क्षेत्र से 23 अगस्त 2017 को जारी अधिसूचना को फिलहाल वापस लेने का फैसला किया है।

मनी लांड्रिंग कानून के तहत प्रत्येक रिपोर्टिंग कंपनी या संस्था को 10 लाख रुपए से ज्यादा के लेन-देन तथा विदेश के पांच लाख रुपए के लेन-देन और 50 लाख रुपए की अचल संपत्ति के लेन-देन का रिकॉर्ड रखना पड़ता है।