प्रधानमंत्री सहित कुछ मुख्यमंत्रियों पर है शनि की वक्र दृष्टि, विश्व में बजेगा इनका डंका

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धर्म डेस्‍क। धन-दौलत, यश-अपयश सब कुछ मानव को उसके भाग्य की देन है। कोई काम सिद्ध हो जाने पर खुश होता है तो बिगड़ जाने पर इसे सितारों का खेल बताता है। भगवान श्री राम पर जब साढ़ेसती आई तो उन्हें वनवास हो गया। जब रावण पर शनि दशा आई तो उसने सीता हरण किया, जिस कारण उसका नाश हुआ। मुकद्दर को बिगाडऩे व संवारने की जिम्मेदारी ग्रहों में न्यायाधीश की भूमिका निभाने वाले श्री शनिदेव को मिली हुई है।

भारतीय जनता पार्टी की जन्मपत्री में मिथुन लगन तथा वृश्चिक राशि के ज्येष्ठा नक्षत्र के तीसरे चरण में होने तथा वर्तमान में सूर्य महादशा-शुक्र अंतर्दशा होने के कारण भाजपा को अग्निपरीक्षा के दौर से गुजरना पड़ेगा। 27 जुलाई, 2018 को भाजपा की कुंडली में चंद्रग्रहण अष्टम भाव में होने के कारण भाजपा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा अमित शाह घोर संकटों से गुजरेंगे। प्रधानमंत्री मोदी, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया तथा गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी पर शनि की वक्र दृष्टि होने के कारण 6 अप्रैल से 6 सितम्बर 2018 तक का समय कष्टकारी सिद्ध होगा। 23 मार्च, 18 अप्रैल तथा 22 अक्तूबर की तारीखें खतरनाक रहेंगी। देश में मध्यवर्ती चुनाव के हालात पैदा हो सकते हैं।

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विपक्ष एकजुट होकर प्रभावशाली बनकर उभरेगा। वहीं जिन नेताओं पर शनि मेहरबान होंगे, उनमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मायावती, अखिलेश यादव, चंद्रबाबू नायडू, लाल कृष्ण अडवानी, शत्रुघ्न सिन्हा, सुब्रह्मण्यम स्वामी, ओम प्रकाश चौटाला, रणदीप सुर्जेवाला, ममता बनर्जी, अन्ना हजारे, अशोक गहलोत, सुरेश कुमार भैया जी का वर्चस्व बढ़ेगा। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के न्याय का डंका देश-विदेश में बजेगा। राम मंदिर का मुद्दा भाजपा, प्रधानमंत्री मोदी के लिए सिरदर्द व पतन का कारण बनेगा। सांसदों के विश्वासघात के शिकार बनेंगे।

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