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आगरा में वापसी की तैयारी कर रहे राज बब्बर, 2019 में सीकरी से लड़ सकते हैं चुनाव

आगरा: राज बब्बर के उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। राज बब्बर मात्र एक ऐसे नेता रहे, जिन्होंने 1999 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के अभेद्य दुर्ग कहे जाने वाली आगरा सीट पर जीत हासिल की थी। वह समाजवादी पार्टी (सपा) के टिकट पर यहां से चुनाव जीते थे।

जानकारी के अनुसार 1999 में हुए लोकसभा चुनाव में सपा के टिकट पर राज बब्बर आगरा से चुनाव लड़े थे। उन्होंने यहां से भाजपा के अभेद्य दुर्ग को ध्वस्त कर भगवान शंकर को हराया था। इसके बाद 2004 में फिर से जब चुनाव की बारी आई, तो भाजपा ने मजबूत प्रत्याशी के रूप में मुरारी लाल फतेहपुरिया को चुनाव मैदान में उतारा, लेकिन राज बब्बर के सामने वह भी नहीं टिक सके। इस प्रकार 2 बार राज बब्बर ने आगरा की जनता के दिलों पर राज किया।

अखिलेश की पत्नी डिंपल को फिरोजाबाद से हुए उपचुनाव में दी थी शिकस्त
फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट से राज बब्बर चुनाव मैदान में आए लेकिन मिनी जाट लैंड कहे जाने वाले फतेहपुर सीकरी में बसपा प्रत्याशी सीमा उपाध्याय ने उन्हें चुनाव में हरा दिया। इसके बाद राज बब्बर ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को फिरोजाबाद से हुए उपचुनाव में शिकस्त दी। 2014 में उन्होंने गाजियाबाद से चुनाव लड़ा, लेकिन यहां भाजपा के कर्नल वी.के. सिंह से उन्हें भारी मतों से हार मिली।

पार्टी सूत्रों की मानें तो इस बार राज बब्बर फिर से आगरा में वापसी की तैयारी कर रहे हैं। 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में राज बब्बर फतेहपुर सीकरी से चुनाव लड़ सकते हैं और यही कारण माना जा रहा है कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है। उन्हें हाल ही में फतेहपुर सीकरी से पी.सी.सी. भी चुना गया है।

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