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ऑफ द रिकॉर्ड: अमित शाह UP व झारखंड में दोबारा सक्रिय

नेशनल डेस्कः गुजरात में शर्मिंदगी का मुंह देखने के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह दोबारा सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश व झारखंड में राज्यसभा की एक-एक सीट ज्यादा जीतने का फैसला किया है, हालांकि ऐसा होने की सम्भावना कम है। अमित शाह ने पिछले साल गुजरात में कांग्रेस के अहमद पटेल को राज्यसभा का सदस्य बनने से रोकने के लिए पूरा जोर लगाया परंतु वहां भाजपा को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। अमित शाह को उम्मीद थी कि वह कांग्रेस पार्टी में फूट डालकर कुछ विधायकों को अपने पक्ष में कर लेंगे परंतु ऐसा नहीं हुआ। वही खेल अब वह उत्तर प्रदेश व झारखंड में खेलना चाहते हैं।

भाजपा व उसकी सहयोगी पार्टियों के पास उत्तर प्रदेश में 403 सदस्यीय हाऊस में 325 विधायक हैं। भाजपा यहां राज्यसभा की 8 सीटों पर आसानी से चुनाव जीत सकती है जबकि एक सीट समाजवादी पार्टी को मिल सकती है। एक और सीट कांग्रेस-बसपा-रालोद-सपा (अधिक वोटों) में से किसी एक को मिल सकती है। अमित शाह 9वीं सीट भी हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने विरोधी पक्ष के सांझे उम्मीदवार भीम राव अम्बेदकर को हराने के लिए अपना उम्मीदवार खड़ा किया है। यह अमित शाह की प्रतिभा व अखिलेश-मायावती गठबंधन की प्रबंधकीय ताकत का टैस्ट है। झारखंड में भी 2 करोड़पति धीरज साहू व प्रदीप चुनाव मैदान में हैं।

धीरज को 28 विधायकों का समर्थन हासिल है जिनमें से झारखंड मुक्ति मोर्चा के 18, कांग्रेस के 7, जे.वी.एम. के  2 व एक निर्दलीय उम्मीदवार शामिल है। वह आसानी से यह सीट जीत सकते हैं। भाजपा 43 विधायकों के दम पर एक सीट जीत सकती है परंतु भाजपा द्वारा एक निर्दलीय उम्मीदवार प्रदीप का समर्थन किया जा रहा है जो एक अमीर व्यक्ति है और उसका खनन का कारोबार है। भाजपा कांग्रेसी उम्मीदवार की हार को यकीनी बनाने के लिए 2 विधायकों को तोडऩे की कोशिश कर रही है। अब देखने वाली बात यह है कि भाजपा अध्यक्ष ऐसा करने में सफल होते हैं या नहीं।

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