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प्रीति आत्महत्या केस : कांग्रेस FIR पर अड़ी, भाजपा बोली कटारे पर चुप क्यों

भोपाल। विधानसभा में मंगलवार को कांग्रेस लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह के पुत्र गिरजेश प्रताप सिंह के खिलाफ पत्नी प्रीति रघुवंशी द्वारा आत्महत्या करने के मामले में एफआईआर कराने की मांग को लेकर अड़ गई। उर, सत्तापक्ष ने विायक हेमंत कटारे के मामले को आगे रखकर विपक्ष पर जमकर पलटवार किया।

हंगामा इस कदर बढ़ा कि प्रश्नकाल और शून्यकाल इसकी भेंट चढ़ गए। तीन बार सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। दो बार कांग्रेस के विधायकों ने गर्भगृह में आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जब-जब सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाने की कोशिश हुई, विपक्ष ने काम रोककर चर्चा कराने की पुरजोर तरीके से मांग उठाई। इस दौरान पूरी कांग्रेस एकजुट नजर आई तो सत्तापक्ष से मंत्रियों और विायकों ने मोर्चा संभाला।

प्रश्नकाल शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने प्रीति रघुवंशी की आत्महत्या और मंत्री पुत्र के खिलाफ कार्रवाई न होने पर दिए स्थगन का मुद्दा उठा दिया। उन्होंने कहा कि सदन की परपंरा है कि लोक महत्व के विषय पर काम रोककर चर्चा कराई जाए। इस पर संसदीय कार्यमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने आपत्ति लेते हुए कहा कि प्रश्नकाल है।

इसे रोककर चर्चा कराने की परंपरा नहीं है। स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष में बहस शुरू हो गई। मुकेश नायक ने कहा कि सब कुछ साफ है। रामनिवास रावत बोले कि कई मौकों पर ऐसा हुआ है कि प्रश्नकाल को रोककर चर्चा कराई गई है।

विपक्ष के बढ़ते दबाव के बीच संसदीय कार्यमंत्री ने मुद्दे की दिशा को मोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस (नेता प्रतिपक्ष की ओर मुखातिब होते हुए) सदन का उपयोग अपनी अंतरकलह के लिए कर रही है। 15 दिन सदन चलते हो गए हेमंत कटारे का विषय नहीं उठाया गया, इस बात की पीड़ा कांग्रेस को है।

तब महिला उत्पीड़न की याद क्यों नहीं आई। इस पर क्यों चुप रहे। क्या वह महिला उत्पीड़न नहीं था। इसका जवाब देते हुए अजय सिंह ने कहा कि हमने किसी मामले का जिक्र ही नहीं किया। एक मंत्री सफाई देने लगे कोर्ट के बारे में तो दूसरे मंत्री किसी दूसरी दिशा में ले जाते हैं। कटारे पर जो कानून व नियम-कायदे लगाए हैं, क्या हम उसके पक्षर हैं। कटारे गलत है या नहीं, इसका फैसला कोर्ट करेगा। इस पर नेता प्रतिपक्ष और संसदीय कार्यमंत्री की तीखी बहस भी हो गई।

वहीं, गृह मंत्री ने कहा कि घटना दुखद है। पुलिस प्रकरण की जांच कर रही है। मर्ग कायम है। बिना जांच के किसी के खिलाफ कैसे अपरा कायम कर दें। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तो कार्यवाही होगी। विानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा ने कहा कि सामान्यत: बजट सत्र में स्थगन प्रस्ताव नहीं लिए जाते हैं। गंभीर विषयों पर प्रक्रिया के तहत विचार किया जाता है।

इसके बाद भी कांग्रेस काम रोककर चर्चा कराने की मांग पर अड़ी रही। वहीं, मंत्री गोपाल भार्गव, उमाशंकर गुप्ता, लालसिंह आर्य, विश्वास सारंग सहित सत्तापक्ष के सदस्य विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाति करने का आरोप लगाते रहे। जब कांग्रेस की मांग नहीं मानी गई तो नेता प्रतिपक्ष ने सदन में विपक्ष की आवाज को दबाने का आरोप लगाते हुए विानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।

पूरे समय चुपचाप बैठे रहे रामपाल

सदन में जिस समय हंगामा चल रहा था, रामपाल सिंह पूरे समय चुपचाप अपने स्थान पर बैठे रहे। एक बार वे गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह और संसदीय कार्यमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के पास गए और फिर अपनी जगह पर आकर बैठ गए। इस दौरान कई मंत्री और विायक उनके पास आए और कुछ देर रुककर अपनी जगह लौट गए।

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