BJP के लिए यूपी से भी बड़ी है त्रिपुरा की जीत, जानिये क्यों

वेब डेस्क। भाजपा ने त्रिपुरा में इतिहास रच दिया है। विधानसभा चुनावों में पार्टी प्रचंड बहुमत की ओर बढ़ कही है। 59 सीटों में से 40 से ज्यादा पर भाजपा और सहयोगी दल आगे हैं, वहीं लेफ्ट का किला पूरी तरह ढह गया है।

राजनीति के जानकार भाजपा की इस जीत को उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनावों में मिली जीत से भी बड़ी और ऐतिहासिक बता रहे हैं। जानिए त्रिपुरा में मिली जीत के मायने –

  1. भाजपा ने 2013 का विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन कोई सीट नहीं जीत पाई थी। इस बार यह आंकड़ा शून्य से 40+ हो गया है।

  2. लेफ्ट पार्टी 25 सालों से यहां सत्ता पर काबिज थी। कांग्रेस का राज्य में पहले दबदबा रहा है, लेकिन इन 25 सालों में वह विपक्ष में ही रही। पहली बार लेफ्ट को यहां कोई धराशाही कर पाया है।

  3. कांग्रेस ने हालत यह बहुत बुरी रही। पिछली बार पार्टी ने 10 सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार खाता भी नहीं खुला पाया।

  4. भाजपा ने त्रिपुरा के साथ ही दो अन्य पूर्वोत्तर राज्यों- मेघालय और नगालैंड में भी शानदार प्रदर्शन किया है। यह पहला मौका है जब इन राज्यों में भाजपा का दबदबा नजर आया है।

  5. पिछले चुनावों में भाजपा को यहां महज डेढ़ फीसदी वोट मिले थे। इस बार यह आंकड़ा 48 फीसदी तक पहुंच गया है। अभी मतगणना जारी है और अंतिम आंकड़ा आना बाकी है।

  6. 2019 के लोकसभा चुनावोंं में भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस शानदार प्रदर्शन का फायदा मिलेगा।

  7. यही नहीं, इसी साल चार राज्यों- मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और कर्नाटक में भी भाजपा को फायदा हो सकता है।

  8. भाजपा की इस जीत के नायक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहे हैं।

  9. योगी आदित्यनाथ ने 7 जगह रैलियां की थीं, जिनमें से पांच पर पार्टी जीत चुकी है।

  10. भाजपा की इस जीत के साथ सवाल उठा है कि क्या देश में लेफ्ट की मानसिकता अप्रासंगिक होती जा रही है। क्योंकि वामपंथी दल अब केरल तक सीमित रह गए हैं।